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सीएम के आदेश का रिएक्शन, गुंडों के साथ बच्चों को भी उठा ले गई पुलिस

दमोह में बेकाबू हुई पुलिस ने सरेराह दिखाई गुंडागर्दी

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Reaction of CM order, children picked up along with goons

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दमोह. सीएम के एक्शन प्लान का दमोह में रिएक्शन हो गया। गुंडों के साथ नाबालिगबच्चों व दुकानदारों को गुुंडातत्वों पुलिस अपने साथ ले गई। इतना ही नहीं कुछ ऐसे लोगों को भी पकड़कर साथ ले गई जो शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में भगवा ध्वज लगा रही थी। जिन्हें पकड़कर पुलिस अपने साथ कोतवाली ले गई थी। जिसको लेकर जमकर बवाल मच गया। इसी बीच बजरंग दल सहित अनेक संगठनों से जुड़े लोगों ने पहले अस्पताल चौक, फिर कोतवाली व उसके बाद एसपी निवास के समीप पहुंचकर जमकर नारेबाजी की।
दरअसल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बढ़ती गुंडागर्दी को देखते हुए 7 दिनों के भीतर गुंडा तत्वों पर कार्रवाई करने के निर्देश डीजीपी सहित प्रदेश की समूची पुलिस को दिए थे। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों की तरह दमोह में भी गुंडा तत्वों को उठाने के लिए अभियान शुरू किया गया। लेकिन दमोह में कोतवाली थाना क्षेत्र में गुंडातत्वों के साथ पुलिस ने संख्या बढ़ाने के चक्कर में नाबालिग बच्चों व कुछ दुकानदारों को उठाना भी शुरू कर दिया। जिनके ऊपर किसी तरह के कोई अपराध भी दर्ज नहीं थे। इसके अलावा शहर में भगवाध्वज लगा रहे कुछ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को भी उठा लिया गया था। नवरात्र पर्व के चलते इस तरह की कार्रवाई को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। जिससे हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने मंगलवार रात जानकारी लगने पर जमकर हंगामा किया।
बजरंगियों के साथ अन्य संगठनों से जुड़े युवाओं की भारी भीड़ ने मंगलवार रात को वहां से निकल रहे एएसपी अरविंद दुबे को घेर लिया। जिन्होंने इस तरह की कार्रवाई पर विरोध दर्ज कराया। बाद में जब एएसपी युवाओं को सही तरीके से समझा नहीं सके तो सभी युवा आक्रोशित होकर नारेबाजी करते हुए कोतवाली होते हुए सीधे एसपी बंगला के पास पहुंचे। बाद में वह फिर विशाल रैली के रूप में कोतवाली पहुंचे। जहां पर इस तरह की कार्रवाई करने को लेकर आक्रोश जताने लगे।
कोतवाली थाना परिसर के बाहर देखते ही देखते सैकड़ों की तादात में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद सहित अन्य संगठनों से जुड़े लोग सैकड़ों की तादाद में एकत्रित हो गए। जिन्होंने कोतवाली थाना प्रभारी सहित नाबालिगों को पकडऩे वाले पुलिस स्टॉफ पर कार्रवाई करने की मांग करने लगे। इस बीच एडिशनल एसपी को कमान संभालने आगे आना पड़ा। लेकिन बजरंग दल के कार्यकर्ता इस मांग पर अड़े रहे कि कोतवाली थाना प्रभारी को तत्काल बर्खास्त करो, क्योंकि उन्होंने नाबालिगों के साथ दुकानदारों को भी निशाना बनाया है। जबकि यह कार्यवाही गुंडा तत्वों पर होना चाहिए थी। बजरंग दल संयोजक पवन रजक का कहना था, कि पुलिस द्वारा जो नाबालिगों को और दुकानदारों को बेवजह उठाने की कार्रवाई की गई वह पूरी तरह से गलत है।

पुलिस को चाहिए कि वह गुंडातत्वों पर कार्रवाई करे। वपन का कहना था कि बजरंग दल के कई कार्यकर्ताओं को जिन पर किसी भी तरह की कोई मामले दर्ज नहीं थे और वह 16 साल या इससे कम उम्र के थे ऐसे कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने बेवजह संख्या बढ़ाने के चक्कर में गुंडा तत्वों में शामिल कर दिया। जब बजरंग दल के कार्यकर्ता इस मांग पर अड़ गए कि कोतवाली थाना प्रभारी की तत्काल बर्खास्तगी करो। जमकर हंगामा होते देख लाठीचार्ज की नौबत आ गई। इस बीच एएसपी अरविंद दुबे स्वयं कोतवाली में मौजूद रहे। देखते ही देखते भारी पुलिस बल कोतवाली पहुंचा । बजरंगदल के कार्यकर्ताओं से बातचीत की। लेकिन वह नहीं माने और कोतवाली थाना प्रभारी को तत्काल हटाते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई करने व अन्य पर कार्रवाई करने की मांग करते रहे। बजरंग दल के संयोजक पवन रजक ने बताया कि हंगामा के बीच ही उनकी बात एसपी विवेक अग्रवाल से कराई गई। जिसमें एसपी ने आश्वासन दिया कि अगर गुंडातत्वों के साथ अगर कोई बेकसूर पकड़ा गया है। तो वह जांच करते हुए संबंधितों पर कार्रवाई करेंगे। इसके लिए उन्होंने २४ घंटे में कार्रवाई की आश्वासन दिया। बाद में गुस्साई भीड़ कोतवाली परिसर से चली गई।