
Start harvesting gram crop by harvesting
मडिय़ादो. रबी फसल की बुआई करनेे वाले किसानों की मेहनत रंग लाने लगी है। वह किसान जिनके द्वारा खरीफ फसल के दौरान उड़द की कटाई के शीघ्र बाद चना की बोवनी कर दी थी, वह फसलें पकने लगी है और कहीं-कहीं कटाई भी देखने मिलने लगी है।
रविवार मडिय़ादो में चौरईया मार्ग स्थित एक शमशानघाट के समीप एक खेत में चना फसल की कटाई होते देखने मिली किसान मोनू श्रीवास्तव का कहना था कि उनके द्वारा खेत में नमी को देखते हुए बोवनी कर दी थी, स्वयं की पास सिंचाई की व्यवस्था नहीं होने पहले बोवनी करना उचित समझा। सिंचाई की जरुरत हुई तो सिंचाई के लिए एक पानी की किराए से जुगाड़ कर नतीजा सबके सामने है। फसल समय के पहले पक कर तैयार हैै, जिसकी कटाई करा रहे हैं।
यहांं अरहर की होने लगी थ्रङ्क्षसग
किसानों के द्वारा अरहर की फसल पकने के बाद कटाई प्रारंभ कर थ्रेंसिग कराना प्रारंभ कर दिया है। सूखे के बाद भी अरहर की फसल बेहतर है और किसान मेहनत सहेजने में जुटेे हुए हंै। किसानों नेे बताया अरहर में सूखे और इल्ली की बाधा लगने के बाद समय समय पर जरूरत के हिसाब से दवाओं का छिड़काव किया गया। जिसमें फसल में लागत तो बड़ी है, लेकिन फसल में उम्मीद के मुताबिक पैदावार दिख रही है, अब अगर उपज का भाव बेहतर मिल जाए तो निश्चित लाभ होगा।
यहां होगा नुकसान
बाद में की गई बोवनी वाली फसलों को अभी पकने में एक से दो माह तक लग सकता है, जो फसल के स्वास्थ्य के हिसाब से ठीक नहीं है। किसानों की मानें तो अवर्षा के कारण सिंचाई के लिए पानी की कमी सामने आने लगी है। दूसरी और मौसम में आएं बदलाव से फसलें प्रभावित हो रही है, जिससे फसल का दाना कमजोर रह जाएगा। क्योंकि अब धूप तेज होने से फसलें सिंचाई चाहती हंै।
Published on:
22 Jan 2018 11:55 am
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