
Hanuman Jayanti Special: Mahindipur Balaji's Glory to the Country and Abroad
मेहंदीपुर बालाजी. घाटा मेहंदीपुर में दो सुरम्य पहाडिय़ों के बीच स्थित मंदिर में बालाजी महाराज के बालरूप की प्रधान देवता के रूप में पूजा की जाती है। विशेष बात यह है कि बालाजी महाराज की प्रतिमा किसी द्वारा स्थापित नहीं होकर स्वयंभू है। आस्था का आलम यह है कि देश-विदेश से श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं।
यंू तो मेहंदीपुर बालाजी मंदिर का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है, लेकिन गत पांच दशक से यहां शनिवार व मंगलवार के अलावा भी दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का जमघट लगा रहता है। इससे यहां सदैव मेले जैसा दृश्य नजर आता है।
मंदिर की व्यवस्थाओं के संचालन के लिए महंत किशोरपुरी की अध्यक्षता में गठित श्रीबालाजी महाराज घाटा मेहंदीपुर ट्रस्ट द्वारा धार्मिक कार्यों के अलावा शैक्षिक व सामाजिक क्षेत्र में निभाई जा रही भागीदारी समाज में प्रेरणास्पद बनी हुई है।
स्वयंभू प्रतिमा का प्राकट्य व इतिहास
बताया जाता है कि घाटा मेहंदीपुर में मां अंजनी ने बालाजी महाराज को जन्म दिया था। यहीं पर बालाजी ने बाल लीलाएं की तथा उनकी किलकारियां गूंजी। कहा जाता है कि मंदिर के पूर्ववर्ती महंत को बालाजी महाराज ने स्वप्न में अपने घाटा मेहंदीपुर में होने का आभास कराया।
इसके बाद बालाजी महाराज का बालरूप अपनी सम्पूर्ण शक्तियों के साथ स्वयंभू रूप में तथा पास ही भैरवबाबा व प्रेतराज सरकार भी दृष्टिगत हुए। यहां पूजा-अर्चना के बाद बालाजी के चमत्कारों की प्रसिद्धि होने लगी तथा देशभर से श्रद्धालु दर्शनों के लिए आने लगे।
एक विशेषता यह भी है कि बालाजी महाराज के बाएं वक्षस्थल से बारीक जलधारा निरंतर प्रवाहित होती रहती है, जो बालाजी के चरणों में बनी कुंडी में बूंद-बूंद एकत्र होती है। उसे मंगला व संध्या आरती के बाद चरणामृत के रूप में श्रद्धालुओं को वितरित कर दी जाती है। यहां श्रद्धालुओं के मानसिक व शारीरिक कष्टों को भी दूर करने का दावा किया जाता है।
ट्रस्ट के सरोकार बने उदाहरण
महंत किशोरपुरी की अध्यक्षता वाले श्रीबालाजी महाराज घाटा मेहंदीपुर ट्रस्ट द्वारा धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सरोकार व शैक्षिक संस्थानों का संचालन कई दशकों से नि:शुल्क किया जा रहा है।
महिला शिक्षा को बढावा देने के लिए प्राथमिक से लेकर पीजी तक स्कूल व कॉलेज, संस्कृत महिला महाविद्यालय तथा रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए आईटी के क्षेत्र में बीसीए पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
इन शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत बालिकाओं को ट्रस्ट द्वारा पठन सामग्री, गणवेश, आवास व भोजन नि:शुल्क दिया जाता है। सामाजिक सरोकार निभाते हुए ट्रस्ट ने देश मं प्राकृतिक आपदाओं में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ ही नकद सहायता प्रदान की।
बजरंगी का सवा दो मण पंचामृत से होगा अभिषेक, जन्मोत्सव आज
घाटा मेहंदीपुर बालाजी धाम में मंदिर ट्रस्ट द्वारा हनुमान जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर के बाहरी आवरण पर रंगीन पर्दे व रंग-बिरंगी रोशनी से आकर्षक सजावट की गई है।
मंगलवार को हनुमान जन्मोत्सव के तहत मंदिर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन होगा। आरती हॉल के पास से लेकर टोडाभीम रोड स्थित हॉल तक थ्रीडी लाइट व स्वागत द्वार लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आवक की संभावना को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने व्यवस्था की है।
जन्मोत्सव के दौरान स्वयंभू बालाजी महाराज का सवा दो मण पंचामृत से अभिषेक कर सोने का चोला चढ़ाकर फूल बंगला झांकी सजाई जाएगी। करीब 8 बजे महाआरती के बाद 31 मण बादाम की बर्फी का महाभोग लगाकर वितरण किया जाएगा।
Published on:
10 Apr 2017 09:17 pm

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