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हेलीकॉप्टर से धरने में शामिल होने पहुंचीं महिला अफसर, विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग मुखर

Support The Strike : बेसिक शिक्षा अधिकारी से मारपीट का प्रकरण लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपी विधायक और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग पर चल रहे धरने में पहुंचने के लिए शिक्षा विभाग की एक महिला अफसर को हेलीकॉप्टर का सहारा लेना पड़ा। इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षक और कर्मचारी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर किस कदर मुखर हैं।

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A female officer arrived in Dehradun by helicopter to join the ongoing protest following the assault on the Director of Basic Education

देहरादून में बेसिक शिक्षा निदेशक से मारपीट के विरोध में आंदोलन चल रहा है

Support The Strike : भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों ने बीते दिनों शिक्षा निदेशालय में घुसकर बेसिक शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल के साथ जमकर मारपीट की थी। साथ ही दफ्तर में तोड़फोड़ भी की थी। तब से मामले को लेकर शिक्षक-कर्मचारियों में बेहद आक्रोश का माहौल है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर देहरादून में धरना चल रहा है। इस धरने में शामिल होने के लिए मंगलवार को बागेश्वर के गरुड़ तैनात शिक्षा अधिकारी कमलेश्वरी मेहता को हेलीकॉप्टर से देहरादून पहुंचना पड़ा। बता दें कि कमलेश्वरी के पास शिक्षा अधिकारी एसोसिएशन की भी जिम्मेदारी है। संगठन की मांग पर कल उन्हें आनन-फानन में हेलीकॉप्टर से देहरादून आना पड़ा। ननूरखेड़ा स्थित निदेशालय में हुए बवाल के बाद रविवार को संयुक्त मोर्चे की बैठक में शिक्षा अधिकारी (प्रशासनिक संवर्ग) एसोसिएशन को तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। तमाम शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने अफसरों की एसोसिएशन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हमले के बाद उनकी एसोसिएशन ने कोई प्रतिक्रिया तक नहीं दी और न ही संगठन ने अपनी भूमिका स्पष्ट की। इसके बाद अफसर एसोसिएशन की आपात बैठक बुलाई गई। एसोसिएशन की कार्यकारी अध्यक्ष होने के कारण कमलेश्वरी मेहता को इस बैठक में आने के लिए हेली सेवा का प्रयोग करना पड़ा।

खंड शिक्षा अधिकारी भी पहुंचे

धरने में शामिल होने के लिए हेलीकॉप्टर से पहुंची कमलेश्वरी मेहता ने कहा कि वह अपनी एसोसिएशन के साथ लगातार आंदोलन में हैं। उन्होंने कहा कि बागेश्वर से देहरादून की दूरी अधिक होने और समय कम होने के कारण उन्हें धरने में शामिल होने के लिए हेली सेवा का सहारा लेना पड़ा। इस आंदोलन में दूसरे पर्वतीय जिलों के दूरस्थ विकासखंडों के खंड शिक्षा अधिकारी भी पहुंचे हैं, जो फिलहाल देहरादून में ही रुके हुए हैं। वहीं, शिक्षा विभाग के कई सेवानिवृत्त अफसर भी लगातार आंदोलन में पहुंच रहे हैं।

एकजुटता का दिया परिचय

कर्मचारियों एक ओर कमलेश्वरी मेहता का उदाहरण देते हुए आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया, वहीं पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। कर्मचारियों ने कहा कि जिस कार्यालय कक्ष में पूरी घटना हुई, अभी तक पुलिस जांच टीम ने उसका निरीक्षण तक नहीं किया है। न ही सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को बचाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। धरना स्थल पर अफसर, शिक्षक और कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अभी तक सिर्फ आश्वासन मिला है, और बिना ठोस परिणाम के वे पीछे नहीं हटेंगे। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं प्रशासनिक कार्यप्रणाली और शासकीय व्यवस्था की गरिमा के विपरीत हैं। इससे कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि ऐसा आगे न हो।

मांगों पर आंदोलन जारी रखने का ऐलान

बेसिक शिक्षा निदेशक से मारपीट के मामले में तीन मांगें पूरी होने तक शिक्षा निदेशालय में आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार को हुई कोर कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। आंदोलनकारियों ने कहा कि न तो विधायक ने अभी तक माफी मांगी है, न दफ्तरों में सुरक्षा संबंधी एसओपी जारी हुई है और न कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए गए हैं। बैठक में राज्यव्यापी कार्य बहिष्कार को टाल दिया गया। कोर कमेटी की बुधवार को भी बैठक होगी। इसमें आंदोलन के लिए आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस आंदोलन में शिक्षक भी शामिल हो गए हैं। मंगलवार को हुई कोर कमेटी की बैठक में तय किया गया है कि इसका असर बोर्ड परीक्षाओं पर नहीं पड़ने दिया जाएगा। प्राइमरी स्कूलों में एक-एक शिक्षक को छोड़कर अन्य शिक्षक धरने में शामिल होंगे। देहरादून, हरिद्वार और टिहरी के जूनियर हाईस्कूलों में भी यही व्यवस्था रहेगी। माध्यमिक शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं के बाद अपनी सुविधा अनुसार विभिन्न स्तरों पर धरने में शामिल होंगे।