27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अदभुत परंंपरा : यहां नगर में घुमाकर पूरे रावण परिवार के पु​तलों का होता है दहन, विदेशी भी पहुंचते हैं दीदार को

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में दशहरे पर पूरे रावण परिवार के पुतले बनाकर नगर में घुमाने के बाद उनका दहन किया जाता है। हजारों लोग इस अनूठी परंपरा के साक्षी बनते हैं।

less than 1 minute read
Google source verification
almora.jpg

अल्मोड़ा में दशहरे पर रावण परिवार के पुतलों को पूरे नगर में घुमाया जाता है। फाइल फोटो

भारत में हिमाचल के कुल्लू और उत्तराखंड के अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव काफी प्रसिद्ध है। सांस्कृतिक नगरी के नाम से देश में विख्यात अल्मोड़ा शहर लोक संस्कृति और प्राचीन धरोहरों के संरक्षण में दशकों से काम कर रहा है। यहां की बैठकी और खड़ी होली गायन पूरे उत्तराखंड सहित देश में विशिष्ट पहचान रखता है। साथ ही अल्मोड़ा का अदभुत और अलौकिक दशहरा महोत्सव इस सांस्कृतिक नगरी का डंका पूरे देश में बजाता है। यहां के दशहरे में न केवल दशानन, बल्कि उसके कुल के सभी प्रमुख राक्षकों के पुतले बनाकर उन्हें नगर में घुमाया जाता है। हर साल देश और विदेश के हजारों लोग इस दशहरा महोत्सव के दीदार को पहुंचते हैं।


वर्ष 1936 से शुरू हुई परंपरा
अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव रावण कुल के पुतले फूंकने की परंपरा को सहेजे हुए है । बताया जाता है कि 1936 में अल्मोड़ा में रावण परिवार के पुतले फूंकने की परंपरा शुरू हुई थी जो आज और भी भव्य रूप ले चुकी है। हिमाचल के कुल्लू और अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है।

पहले बनाए जाते थे 30 पुतले
बुजुर्गों के मुताबिक अल्मोड़ा के दशहरे में कुछ दशक पूर्व तक रावण परिवार के 30—30 पुतले बनाए जाते थे। लेकिन अब इन पुतलों की संख्या करीब 15 तक पहुंच गई है। इनमें रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद, प्रहस्त, अकंपन, अतिकाय, ताड़का, सुबाहू, अक्ष कुमार, वेदांतक जैसे पुतले शामिल होते हैं।

1936 में जौहरी बाजार में बना था कुंभकर्ण का पुतला
वरिष्ठ पत्रकार और रंगकर्मी नवीन बिष्ट बताते हैं कि 1936 में शहर के जौहरी मोहल्ले में कुंभकर्ण का पुतला बनाने की शुरुआत हुई। नंदादेवी, लाला बाजार में रावण का पुतला बनाया जाता था जो आज भी जारी है। नवीन बिष्ट बताते हैं कि 1974 से अब तक पलटन और थाना बाजार के कलाकार मेघानाद का पुतला बनाते हैं।

बड़ी खबरें

View All

देहरादून

उत्तराखंड

ट्रेंडिंग