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सरकारी डॉक्टर की हत्या मामले में एफआईआर के मुताबिक पुलिस बढ़ा रही है कदम

दो दिन पहले सोमवार को सरकारी डॉक्टरको देवरिया में बदमाशों ने गोली मार दी थी।

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Deoria Doctor Murder

देवरिया में डॉक्टर की हत्या

देवरिया. बीते सोमवार को जिले के एक प्रमुख बाज़ार बघौचघाट में बदमाशों ने एक सरकारी डॉक्टर की जिस प्रकार दुर्दांत तरीके से हत्या की उसका खौफ आज भी देखा जा रहा है । पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अपराधियों ने नाइन एमएम पिस्टल का उपयोग हत्या को अंजाम देने के लिए किया । डॉक्टर के शरीर मे तीन गोलियों के निशान मिले हैं । जानकारों की माने तो बहुत ही सटीक निशानेबाज अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है । पीडित परिवार ने इसे पुरानी पारिवारिक रंजिश बताते हुए गाँव के ही एक परिवार के दो लोगों सहित दो अन्य के विरुद्ध तहरीर दी है । पुलिस ने इसी आधार पर छानबीन शुरु भी कर दी है । लगातार दो नामजद लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी जा रही है लेकिन अभी तक कोई भी सफलता पुलिस के हाथ नही लगी है।

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के पथरदेवा विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख बाज़ार बघौचघाट में सोमवार को हुए इस घटना के बाद खौफ का माहौल है । बदमाशों ने एक सरकारी डॉक्टर की दुर्दांत तरीके से हत्या कर इलाके में सनसनी मचा दी । बदमाशों ने सरकारी डॉक्टर पर उस समय हमला बोला जब वो ओपीडी से खाली होकर अपने घर जाने के लिए निकले थे । बताया जा रहा है कि एक अन्य फार्मासिस्ट के साथ अपनी कार में सवार होकर जैसे ही वो सखिनी नहर के पास पहुँचे थे कि मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उन्हें रुकने का इशारा किया और साथ ही उसने नमस्कार की मुद्रा में उन्हें हाथ भी जोड़ा । ये देख जैसे ही डॉक्टर खालिक ने अपनी गाड़ी धीमी की ही थी कि पीछे बैठे दूसरे युवक ने कार के आगे शीशे पर फायर कर दिया । फायर से पहले ही डॉ. खालिक दरवाजा खोलकर बाहर भागना चाहे ही थे कि दोनो ने उन्हें घेर लिया और तीन गोलियाँ दाग कर उन्हें वहीं ढ़ेर कर दिया । डॉ. खालिक को बांह , गर्दन और सीने में गोली लगना बताया जा रहा है।

जिले के बघौचघाट पीएचसी पर पिछले तीन साल से तैनात डॉ. अब्दुल खालिक इलाके में अपने मृदु स्वभाव के कारण काफी लोकप्रिय थे । उनके ऊपर हमले की खबर आग की तरह फैली और वहाँ देखते ही देखते भारी भीड़ का जमावड़ा हो गया । सूचना पर कुछ विलम्ब से पहुँची पुलिस ने जल्दी से उपचार कराने के लिए अपने वाहन से उन्हें स्थानीय पीएचसी ले जाने की कोशिश की लेकिन घटना से गुस्साई भीड़ ने खुद ही उन्हें मृत घोषित करके पुलिस को दौड़ा लिया और पुलिस के वाहन तोड़ दिए गए।

डॉ .खालिक कुशीनगर जिले से समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष इलियास अंसारी के दामाद थे। उनकी दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दिए जाने की खबर ने सपा के साथ साथ अन्य राजनैतिक दलों के लोगों को भी स्तब्ध कर दिया लगभग हर दल के लोगों ने घटना की निन्दा करते हुए हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

देवरिया के बघौचघाट पीएचसी में तैनात डॉक्टर अब्दुल खालिक कुशीनगर जिले के पटहेरवा थाना क्षेत्र के गाँव बेलवा आलम दास के रहने वाले थे । उनके साथ जिस समय यह घटना घटी उसी समय देवरिया के नवागत पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर अपना कार्यभार ग्रहण करने के बाद प्रेस के लोगो से मुखातिब थे । सूचना के बाद जिले के डीएम और एसपी तत्काल मौके पर पहुंचे तो जरूर लेकिन उन्हें भीड़ के गुस्से को काफी झेलना पड़ा। लोग घटना के समय स्थानीय पुलिस के देरी से पहुँचने को लेकर काफी नाराज थे । लोगों का कहना था कि सूचना के बाद पुलिस यदि चारों तरफ से घेराबन्दी करती तो बदमाशों को आसानी से पकड़ा जा सकता था । डेड बॉडी को सड़क पर रखकर लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दिया । डीएम और कप्तान को मौके पर पहुचने के बाद भी तीन घंटे शव उठाने के लिए काफी मसक्कत करनी पड़ी उसके बाद भीड़ उग्र हो गई तब जाकर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया । फिलहाल अभी तक आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं और इस मामले में थानेदार को निलंबित कर दिया गया है । इस हत्या को लेकर देवरिया व कुशीनगर के सरकारी डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम और इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी को बंद कर रखा है।

क्या चार साल पहले कुशीनगर के कसया कस्बे के पास हुए एक युवक की हत्या से इस मामले के तार जुड़े हुए है ! डॉ. खालिक की बेवा खदीजा परवीन का कुछ ऐसा ही मानना है । उसी अनुसार उन्होंने इस घटना की एफआईआर भी दी है । खदीजा और परिजनों की माने तो कसया में हुए राम इक़बाल राय के पुत्र के हत्या के मामले में जो नामजद थे वो डॉक्टर के पट्टीदारी के थे । तीन साल जेल में रहने के बाद डॉक्टर की मेहनत से उनको जमानत मिल सकी थी इसी बात को लेकर कुछ लोग खार खाए हुए थे । परिजनों की माने तो एक हफ्ते पूर्व पीएचसी में ही आए किसी युवक से डॉक्टर खालिक की तू तू मैं मैं भी हुई थी । डॉक्टर की पत्नी ने इसी संभावना के आधार पर राम इक़बाल राय और उनके पुत्र को नामजद किया है । वहीं दूसरी ओर बीते कई दिनों से राम इक़बाल राय का पीजीआई में इलाज होना बताया जा रहा है । मामला काफी पेचीदा हो चला है ऐसे में पुलिस अभी एफआईआर के मुताबिक कदम बढ़ा रही है लेकिन उसे घटना के अन्य जुड़े पहलुओं को जोड़ते हुए चलना चाहिए ताकि मुख्य हमलावर जेल के अन्दर जा सकें।

by SURYA PRAKASH RAI

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