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लम्पी वायरस की आहट… मिलते-जुलते लक्षणों से कई मवेशी बीमार, 3 संदिग्ध के सैंपल भेजे भोपाल

सोनकच्छ, टप्पा सुकल्या, पांदाजागीर, सिया, कांटाफोड़ सहित अन्य क्षेत्रों में कई गायें बीमार, वैक्सीन उपलब्ध करवाने की मांग, पशु चिकित्सा सेवाएं, स्वयंसेवी संस्थाओं और निजी स्तर से अब तक करीब 10 हजार मवेशियों को लगाई गई वैक्सीन
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देवास

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Chandraprakash Sharma

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Updated: 23 Sep 2022, 5:30 PM IST

लम्पी वायरस की आहट... मिलते-जुलते लक्षणों से कई मवेशी बीमार, 3 संदिग्ध के सैंपल भेजे भोपाल

लम्पी वायरस की आहट... मिलते-जुलते लक्षणों से कई मवेशी बीमार, 3 संदिग्ध के सैंपल भेजे भोपाल,लम्पी वायरस की आहट... मिलते-जुलते लक्षणों से कई मवेशी बीमार, 3 संदिग्ध के सैंपल भेजे भोपाल,लम्पी वायरस की आहट... मिलते-जुलते लक्षणों से कई मवेशी बीमार, 3 संदिग्ध के सैंपल भेजे भोपाल

देवास. जिले में लंपी वायरस की चपेट में मवेशियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। हालांकि अभी तक एक भी मवेशी के लम्पी वायरस से पीडि़त होने की अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मिलते-जुलते लक्षणों से कई मवेशी पीडि़त हैं। पशु चिकित्सा सेवाएं ने सोनकच्छ व हाटपीपल्या के टप्पा सुकल्या क्षेत्र से ऐसे ही तीन संदिग्ध मवेशियों के सैंपल एकत्रित करवाकर जांच के लिए भोपाल भेजे हैं। इन मवेशियों का लंपी प्रोटोकाल के हिसाब से उपचार शुरू कर दिया गया है। जिले के पांदाजागीर, सिया, कांटाफोड़ आदि क्षेत्रों में भी लम्पी वायरस के लक्षणों से पीडि़त मवेशियों के मामले सामने आए हैं। जिले में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा करीब 6500, स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा करीब 1000 व निजी स्तर से करीब 3000 मवेशियों को टीके लगाए जा चुके हैं।

कांटाफोड़ में लाखों की गोशाला खा रही धूल, गायें लम्पी की चपेट में
कांटाफोड़. नगर कांटाफोड़ में भी गाय अब लंपी वायरस की चपेट में आ रही हंै। रात्रि के समय नगर के बस स्टैंड पर ऐसी ही एक गाय को घूमते हुए देखा गया है इसमें लंपी वायरस के लक्षण साफ नजर आ रहे हैं। ऐसे में पशु चिकित्सा सेवाएं की ओर से ध्यान ना देने के कारण एक साथ कई गाय इसकी चपेट में आ सकती है। नगर के मुख्य मार्ग से लेकर अंदर की गलियों में भी गायों का झुंड सड़क के ऊपर ही बैठा रहता है, इन स्थितियों में लंपी वायरस गायों पर कहर बरपा सकता है।
कोई तैयारी नहीं
नगर में लम्पी वायरस से ग्रसित गाय दिखने लगी हैं, लेकिन पशु चिकित्सा सेवाएं की ओर से किसी भी प्रकार की तैयारी नजर नहीं आ रही है। मोहन ङ्क्षसह नरगावे पशु चिकित्सालय कांटाफोड़ ने बताया शासन की ओर से गोशालाओं में टीके लगवा दिए गए हैं गो पालकों के लिए किसी भी प्रकार के निर्देश नहीं है और जो लम्पी वायरस का केस कांटाफोड़ में बताया जा रहा है वह पिछले वर्ष का है।

पांदाजागीर में एक मवेशी में लम्पी की चपेट में
पांदाजागीर. प्रदेश के कई जिलों में लम्पी वायरस का प्रकोप है। इसी के साथ देवास जिले में भी लम्पी वायरस ने अपने पैर पसारना शुरू कर दिया है, ग्राम पांदाजागीर में एक पशु पालक के यहां एक मवेशी को लम्पी वायरस जैसे लक्षण दिखने पर मवेशी को एक तरफ बांध कर रखा है ताकि जिससे अन्य मवेशी सुरक्षित रह सके। ग्रामीणों ने मांग की है कि टीका लगाया जाए।

सिया में भी लम्पी के लक्षण आए नजर
देवास/सिया. ग्राम सिया में एक पशु मालिक के यहां एक गाय लम्पी वायरस के मिलते-जुलते लक्षणों से संक्रमित पाई गई। साथ ही एक आवारा मवेशी में भी लक्षण नजर आए हैं जिससे किसानों की ङ्क्षचता बढ़ गई है। गाय का उपचार डॉ विजय सोलंकी द्वारा किया। ग्राम सिया में अधिक संख्या में आवारा मवेशी इन दिनों नजर आ रहे हैं जिनके लम्पी के चपेट में आने का खतरा बना हुआ है।