9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जान जोखिम में डालकर सैलानी कर रहे वाटर स्पोर्टस, कभी भी हो सकती है दुर्घटना

गंगरेल बांध में वाटर स्पोर्टस तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन इसका मजा लेने वाले सैलानियों के लिए प्रर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किया गया है।

2 min read
Google source verification

धमतरी

image

Deepak Sahu

Aug 24, 2018

gangrel dam

जान जोखिम में डालकर सैलानी कर रहे वाटर स्पोर्टस, कभी भी हो सकती है दुर्घटना

धमतरी. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के गंगरेल बांध में वाटर स्पोर्टस तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन इसका मजा लेने वाले सैलानियों के लिए प्रर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किया गया है। पानी में फर्राटे भरते समय कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। यहां बोट टे्रनर के अलावा कोई प्रशिक्षित गोताखोर नहीं है।

उल्लेखनीय है कि झमाझम बारिश के चलते गंगरेल बांध पानी से लबालब हो गया है, जिसके चलते धमतरी के अलावा रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव समेत अन्य जिलों से रोजाना सैकड़ों की संख्या में सैलानी यहां आ रहे हैं। यहां वाटर स्पोर्टस की भी सुविधा है, इसलिए अधिकांश सैलानी इसका भी मजा लेते हैं। मोटल के नीचे क्षेत्र में वाटर स्पोर्टस कराया जाता है।

विडंबना यह है कि यहां सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। यहां बोट टे्रनर के अलावा कोई प्रशिक्षित गोताखोर नहीं है। ऐसे में वाटर स्पोर्टस के दौरान यदि बोट पानी में पलट जाती है, तो सैलानियों की जान भी जा सकती है, लेकिन इसकी चिंता जवाबदार अधिकारियों को नहीं है। बांध प्रबंधन तो वाटर स्पोर्टस को टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित होने का बताकर पल्ला झाड़ रहा हैं। जिले में टूरिज्म बोर्ड से संबंधित कोई कार्यालय भी नहीं हैं।

सूत्रों की माने तो वाटर स्पोर्टस के लिए 3 स्पीड बोट, 1 स्लो बोट, १ हाई स्पीड बोट, 11 सौ सीसी के तीन वाटर स्कूटर, 18 सौ सीसी के 2 वाटर स्कूटर समेत कीड्स पेडल बोट, एक्वा साइकल, ग्लास पेडल बोट, एक्सट्रेम बनाना राइड, एक्सट्रेम बुमे राइड, गु्रप बोनजा पैक आदि की सुविधा है। गोताखोर के नाम पर स्थानीय युवाओं से काम चलाया जा रहा है। इनके पास लाइसेंस भी नहीं है।

वाटर स्पोर्टस के दौरान किसी भी को स्पीड बोट में बैठा दिया जाता है। सैलानियों का उम्र और सेहत को भी नहीं देखा जाता। इसके अलावा जिन्हें बोट में बैठाया गया है, उसे तैरना आता है कि नहीं, इसे भी जानने की कोशिश नहीं की जाती है। तेज गति से बोट चलते समय हाई बीपी वाले सैलानियों को हार्ट अटैक भी आ सकता है।

वाटर स्पोर्टस को देखने बड़ी संख्या में सैलानी भी वहां मौजूद रहते हैं। देखा गया है कि कई सैलानी सेल्फी लेने के चक्कर में पानी में चले जाते हैं। उन्हें वहां रोकने वाला भी कोई नहीं रहता। ऐसे स्थिति में थोड़ी सी लापरवाही से सैलानियों की जान भी जा सकती है।

कलक्टर, डॉ सीआर प्रसन्ना ने बताया सैलानियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। लगातार मानिटरिंग भी की जा रही है।