धार

जिले में कब कहां जमेगा भगोरिए का रंग, आकर देखे जिले की संस्कृति मजदूर आने लगे अपने घर गांव

1 मार्च से जमेगा भगोरियें का रंग, मांदल की थाप पर जमकर थिरकेंगे युवक, युवतियां

less than 1 minute read
Feb 23, 2023
जिले में कब कहां जमेगा भगोरिए का रंग, आकर देखे जिले की संस्कृति मजदूर आने लगे अपने घर गांव

रिंगनोद . आदिवासी लोक संस्कृति का प्रतीक भगोरिया पर्व इस बार १ मार्च से शुरू होगा और ७ मार्च को समापन होगा। पर्व से पहले ही बड़ी संख्या में गुजरात, राजस्थान और अन्य राज्य, शहर में मजदूरी के लिए जाने वाले आदिवासी मजदूर अपने घर गांव लौटने लग गए हैं।

जैसे.जैसे भगोरिया पर्व नजदीक आ रहा है । वैसे ही यात्री बसों में भी भीड़ देखी जा रही है । प्रतिदिन हजारों की संख्या में मजदूर अपने घर आ रहे हैं दूसरी ओर भगोरिया पर्व पर व्यापारियों को भी अच्छे व्यापार की उम्मीद है। रिंगनोद में भगोरिया पर्व 2 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। जिसमें आसपास के छोटे बड़े करीब 25 गांव के बड़ी संख्या में हजारों आदिवासी शामिल होंगे। युवक ,युवतियां मांदल की थाप पर अपना पारंपरिक आदिवासी नृत्य पर थिरकेंगे। भगोरिया पर्व में आने वाली मांदल दल का ग्राम पंचायत , कांग्रेस , भाजपा सहित कई सामाजिक संगठन द्वारा स्वागत सम्मान किया जाएगा।

मेले का लुत्फ उठाते है

जिस गांव में जिस दिन साप्ताहिक हाट बाजार रहता है। वहां भगोरिया हाट भराया जाता है। इस दौरान मेले में झूले, चकरी, सौंदर्यप्रसाधन, कुल्फी, बर्फ के गोले की दुकानें लगती है। मांदल की थाप और थाली की झंकार के बीच आदिवासी दल भगोरिया नृत्य की प्रस्तुति देते है। भगोरिया की संस्कृति को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते है।

भगोरिया पर्व का आयोजन
दिनांक स्थान

1 मार्च सरदारपुर, सलकनपुर ,गोलपुरा, सुसारी और अराड़ा।

2 मार्च रिंगनोद, दत्तीगांव, गुजरी, बाकानेर, सिंघाना , डही।

3 मार्च जोलाना, मनावर, धामनोद, पडिय़ाल, धरमराय।

4 मार्च मांडू , खलघाट, कवड़ा, बाबली।

5 मार्च राजगढ़ , टांडा, गंधवानी, बड़वानिया, भारुडपूरा।

6 मार्च गुमानपुरा, बाग, निसरपुर , डेहरी ,धानी, फिफेड़ा।

7 मार्च तिरला, नालछा, धरमपुरी, कुक्षी, करजवानी।

Published on:
23 Feb 2023 08:03 pm
Also Read
View All

अगली खबर