
बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को अपने खानपान का विशेष खयाल रखना चाहिए। ये न केवल उनके लिए बल्कि उनके नवजात शिशु के लिए भी बहुत जरूरी है, क्योंकि वह अपनी पोषक आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह मां पर निर्भर होता है। कुछ महिलाएं डिलेवरी के बाद अपना वजन झटपट कम करना चाहती हैं, तो कई अपने खानपान को लेकर लापरवाह रहती हैं, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि पोषण ही अच्छे स्वास्थ्य का आधार है।
संतुलित-पोषक भोजन
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को संतुलित और पोषक भोजन का सेवन करना चाहिए जिसमें साबुत अनाज, फल, सब्जियों, दूध और दुग्ध उत्पाद संतुलित मात्रा में हों। फाइबर अच्छी मात्रा में हो। दिन में तीन बार मेगा मील खाने के बजाय छह बार मिनी मील खाना चाहिए। शाकाहारी महिलाओं में गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान विटामिन बी12 की कमी हो जाती है इसलिए डॉक्टर से मिलकर इसके सप्लीमेंट्स लें। मांसाहारी हैं तो थोड़ी मात्रा में चिकन, मांस, अंडों और मछलियों को भी भोजन में शामिल करें। एक शोध के अनुसार स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रतिदिन लगभग 71 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए।
बढ़ा दें कैलोरी इनटैक
स्तनपान कराने वाली महिला को प्रतिदिन 500-550 अतिरिक्त कैलोरी का सेवन करना चाहिए, ताकि मां और बच्चे दोनों की पोषक आवश्यकताएं पूरी हो सकें।
अतिरिक्त कैलोरी पोषक भोजन से आना चाहिए, जंक फूड से नहीं। चाय, कॉफी कम पीएं। एक दिन में 300 मिलिग्राम (2-3 कप) से ज्यादा कैफीन का सेवन न करें।
अधिक कैफीन से बच्चे में बेचैनी और चिड़चिड़ापन देखा जाता है।
महिलाओं के लिए सुपर फूड्स
वैसे तो स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सभी प्रकार के पोषक खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, लेकिन कुछ चीजें हैं जिन्हें उन्हें अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए ताकि गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान हो रहे शारीरिक बदलावों के अनुसार शरीर की पोषक आवश्यकता पूरी हो सके।
दूध और दुग्घ उत्पाद
स्तनपान कराने वाली महिलाएं कम वसा वाले दूध, पनीर , दही और दूसरे दुग्ध उत्पादों को डाइट चार्ट में शामिल करें। इनमें कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी अच्छी मात्रा में होते हैं। ये पोषक तत्व मां के लिए तो जरूरी हैं, बच्चे की हड्डियों के विकास के लिए भी अत्यधिक जरूरी हैं।
अंडे
अंडे में विटामिन ए, बी, डी और ई होता है। अंडा उन खाद्य पदार्थों में से है जिनमें प्राकृतिक रूप से विटामिन डी होता है। इसमें प्रोटीन और मिनरल पाए जाते हैं।
संतरे
संतरे और दूसरे खट्टे फल विटामिन सी के अच्छे स्राोत हैं। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को गर्भवती महिलाओं से भी अधिक विटामिन सी की आवश्यकता होती है। विटामिन सी रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत बनाता है और शरीर में उर्जा के स्तर को बूस्ट करता है।
साबुत अनाज
अपने नाश्ते में साबुत अनाज खाएं, इससे शरीर में उर्जा का स्तर बना रहता है और रक्त में शुगर का स्तर भी अनियंत्रित नहीं होगा।
हरी पत्तेदार सब्जियां
हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, ब्रोकली और पत्तागोभी विटामिन ए से भरपूर होती हैं जो महिला और बच्चे दोनों की सेहत के लिए फायदेमंद है। इनमें आयरन, कैल्शियम, एंटी ऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी भी काफी मात्रा में होते हैं।
Published on:
16 Jan 2018 05:32 am
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