जैव विविधता पंजीयन के बिना हर्रा कचरिया का कर रहा था व्यापार
करंजिया. मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर वन ग्राम चौरादादर में शनिवार को साप्ताहिक बाजार मे कर्रा कचरिया का व्यापार कर रहे धर्मेंद्र सारीवान उर्फ सोनू निवासी गोपालपुर द्वारा गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने के उपरांत सफेद रंग की पिकअप वाहन से हमला करने की शिकायत वन परिक्षेत्र अधिकारी करंजिया एवं उनके स्टाफ के द्वारा की गई है। वन परिक्षेत्र अधिकारी करंजिया ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार बाजार के दिन वन कर्मियों के द्वारा रूटीन गश्ती की जा रही थी। जिसमें धर्मेंद्र सारीवान उर्फ सोनू के द्वारा हर्रा कचरिया15 बोरी लगभग 3 से 4 क्विंटल माल का व्यवसाय कर रहा था। गस्त स्टाफ के द्वारा जैव विविधता अधिनियम 2005 के अंतर्गत पंजीयन की मांग की गई तब व्यापारी के द्वारा ईश्वर सिंह परस्त, सेवाराम एवं ध्रुव सिंह धुर्वे से बहस करते हुए गाली-गलौज करने लगा। जिसकी सूचना गश्त कर रहे वन कर्मियों ने मुझे दी, जिसके बाद थाना प्रभारी करंजिया को उक्त मामले की जानकारी फोन पर दी एवं पुलिस स्टाफ की मांग की। जिसके बाद अपने स्टाफ को लेकर चौरादादर बाजार में पहुंची जहां उपरोक्त तीन कर्मचारी पहले से मौजूद थे, उन्होंने धर्मेंद्र सारीवान उर्फ सोनू कार में 8 बोरी हर्रा कचरिया भरे हुए था तथा 7 बोरी गाड़ी के नीचे जमीन पर रख कर तौल करा रहा था। मौके पर पहुंचने के बाद धर्मेन्द्र से पंजीयन मांगा गया तो वह अभद्रता करने लगा। बताया गया कि धर्मेंद्र सारीवान पीआरओ क्रमांक 361/25 के अंतर्गत फरार आरोपी है। जिसके बाद जैव विविधता के तहत वन मंडल डिंडोरी द्वारा रजिस्ट्रेशन नहीं दिखाए जाने पर वन स्टॉप को नीचे रखी 7 बोरी जब्त करने एवं वाहन जब्त करने के लिए कहा गया तो आरोपी द्वारा ईश्वर सिंह परस्ते की वर्दी पकड़कर छीना झपटी करने लगा इसी दौरान वाहन की तरफ दौड़ते हुए वन कर्मी के ऊपर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। इससे वन कर्मी गिर पड़े और बाजार कर रहे लोगों ने भी अफरा-तफरी मच गई। वाहन पहले से तेजी से करंजिया रूट में गया फिर वहां से वह गाड़ी को लौटा कर बाजार के एक व्यापारी की बोलेरो वाहन को ठोकते हुए मेरी तरफ लाया दूर हट कर अपनी जान बचाई। वह शासकीय वाहन क्रमांक एमपी १८ टी ३७५० को क्षतिग्रस्त करते हुए गोपालपुर रोड की ओर तेजी से भाग खड़ा हुआ। उक्त घटना की शिकायत मेरे द्वारा एवं स्टाफ के द्वारा थाना करंजिया मे शनिवार को ही कर दी गई है परंतु रविवार की देर सुबह तक उक्त घटना की एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जबकि ऐसे गंभीर मामले पर तत्परता दिखाते हुए मामले की एफआईआर दर्ज कर विवेचना की जानी चाहिए । शाम को खबर लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नही हुई।