
Girls are deprived of their rights due to child marriage
डिंडौरी. शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय डिंडौरी में छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने और समाज एवं देश के विकास में महती भूमिका निभाने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं योजना एवं बाल विवाह रोकथाम के विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन सचिव जिला न्यायाधीश उत्तम कुमार डार्वी एवं सोनाली शर्मा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की उपस्थित में किया गया। शिविर में जिला न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तम कुमार डार्वी ने छात्र-छात्राओं को बताया कि बाल विवाह का सबसे बडा प्रभाव यह होता है, कि इससे लडकियां अपने अधिकारों से वंचित रह जाती है। लडके और लडकियों पर कई तरह की जिम्मेदारी डाल दी जाती हैं, जिसके लिए वह तैयार नहीं होते और इसके कारण उनका मानसिक एवं भावनात्मक विकास नहीं हो पाता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड नाटक के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणाम को बताया गया तथा बाल विवाह कर रोकथाम के लिए शपथ ली गई। इसी के साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट, नि:शुल्क विधिक सहायता योजना एवं पीडित प्रतिकर योजना 2015 की विस्तार से जानकारी दी। शिविर को संबोधित करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सोनाली शर्मा ने बताया कि अक्सर देखा गया है कि बाल विवाह होने के कारण लडकियां अशिक्षित रह जाती है और समाज में हो रही घटनाओं को ठीक से समझने में भी असक्षम रह जाती है। साथ ही उन्होने महिलाओं के प्रति सभी प्रकार की हिंसा एवं भेदभाव को समाप्त किए जाने महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा, महिला हिसां, महिलाओं के स्वास्थ सम्बन्धी विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही जन साहस टीम से जिला समन्वयक निकिता नेमा ने बताया कि जन साहस संस्था जो महिला एंव बाल हिंसा पर कार्य करती है जिसमें हम महिलाओं के साथ हो रही है अलग-अलग प्रकार की हिंसा पर रोकथाम के लिए कार्य करते है। शिविर में विद्यालय के प्राचार्य ने आभार व्यक्त किया साथ ही शिविर में उपस्थित जन साहस की टीम, शिक्षकगण, छात्र-छात्राऐं एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का स्टॉफ उपस्थित रहा।
Published on:
12 Oct 2023 11:59 am
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