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पेट में दर्द और खुजली? ये पित्त की नली के कैंसर (Bile duct cancer) के संकेत हो सकते हैं

बायल डक्ट कैंसर या पित्त नली का कैंसर (Bile duct cancer) , जिसे चोलैंगियोकार्सिनोमा (Cholangiocarcinoma) भी कहा जाता है, एक दुर्लभ रोग है जिसमें कैंसरी (कैंसर) कोशिकाएं पित्ताशय (Gallbladder) से छोटे आंत तक जाने वाली पतली नलिकाओं में बनती हैं। इसके लक्षणों में खुजली वाली त्वचा (Itchy skin) , अधिक गहरा मूत्र और सामान्य से हल्के अपच, भूख की कमी, पेट दर्द (stomach pain) और आंखों के सफेद हो जाने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। यह रोग अत्यधिक जानलेवा हो सकता है और समय रहते निदान और उपचार की आवश्यकता होती है।

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What is bile duct cancer

What is bile duct cancer

बायल डक्ट कैंसर या पित्त नली का कैंसर (Bile duct cancer) , जिसे चोलैंगियोकार्सिनोमा (Cholangiocarcinoma) भी कहा जाता है, एक दुर्लभ रोग है जिसमें कैंसरी (कैंसर) कोशिकाएं पित्ताशय (Gallbladder) से छोटे आंत तक जाने वाली पतली नलिकाओं में बनती हैं। इसके लक्षणों में खुजली वाली त्वचा (Itchy skin) , अधिक गहरा मूत्र और सामान्य से हल्के अपच, भूख की कमी, पेट दर्द (stomach pain) और आंखों के सफेद हो जाने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। यह रोग अत्यधिक जानलेवा हो सकता है और समय रहते निदान और उपचार की आवश्यकता होती है।

क्या है पित्त नली का कैंसर? What is bile duct cancer?

हमारा शरीर पाचन (Digestion) क्रिया के लिए पित्त नामक रस (Bile juice ) बनाता है. यह पित्त रस लिवर से पित्ताशय (Gallbladder) की थैली और फिर छोटी आंत (Small intestine) में जाता है. पित्त नलिकाएं वो छोटी नलियां होती हैं जो लिवर से पित्त को ले जाती हैं. पित्त नली के कैंसर, जिसे कोलेंजियोकार्सिनोमा (Cholangiocarcinoma) भी कहा जाता है, इन पित्त नलियों में ही कैंसर कोशिकाओं का बनना होता है. ये कोशिकाएं बढ़कर ट्यूमर बना सकती हैं और आसपास के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

यह भी पढ़ें - युवाओं में कैंसर का खतरा क्यों बढ़ रहा है? जानें चौंकाने वाले कारण

पित्त नली के कैंसर के लक्षण Symptoms of bile duct cancer

पित्त नली के कैंसर के कई लक्षण हो सकते हैं, लेकिन शुरुआत में इन लक्षणों को पहचानना मुश्किल होता है. इन लक्षणों पर ध्यान दें:

  • पीलिया (पीली त्वचा और आंखें): जब पित्त का प्रवाह रुक जाता है, तो त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ सकता है.
  • गाढ़ा मूत्र और मिट्टी के रंग का मल: पित्त पाचन में अहम भूमिका निभाता है, इसलिये इसके ना चलने से मल का रंग गहरा और पेशाब का रंग गहरा पीला हो सकता है.
  • पेट में दर्द या बेचैनी: आमतौर पर यह दर्द पेट के दाहिनी ओर और ऊपरी हिस्से में होता है.
  • तेज खुजली: बिना किसी कारण लगातार खुजली होना भी इस कैंसर का संकेत हो सकता है.
  • थकान और कमजोरी: शरीर में लगातार थकान रहना और कमजोरी महसूस होना भी एक लक्षण है.
  • अचानक वजन घटना: भूख कम लगना और बिना किसी कोशिश के वजन का कम होना भी चिंता का विषय है.
  • बार-बार बुखार आना: कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के बुखार आना भी इस कैंसर का संकेत हो सकता है.

अगर आपको ये लक्षण दिखाई दें तो?

अगर आपको ऊपर बताये गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण महसूस हो रहा है, तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें. यह जरुरी नहीं है कि ये लक्षण सिर्फ पित्त नली के कैंसर के ही हों, लेकिन डॉक्टर ही जांच करके सही कारण बता सकते हैं और इलाज शुरू कर सकते हैं.

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