जापान में 16 से 24 सितंबर तक फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया है। इसमें लौह नगरी भिलाई के युवा फिल्मकार तुषार वाघेला की फिल्म द होम का भी चयन किया गया है। इसके बाद मेक्सिको के सिनेटेक्टोन इंटरनेशनल फेस्टिवल ऑफ सिनेमा एंड आर्किटेचर में भी यह फिल्म दिखाई जाएगी। इसका आयोजन फ्रांस सरकार के विश्वप्रसिद्ध संग्रहालय सेंटर पम्पिडू करती है। 28 सितंबर से 2 अक्टूबर मेक्सिको के प्यूब्ला शहर में सिनेटेक्टोन फेस्टिवल में फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ का नया चेहरा दिखाने की कोशिश
तुषार वाघेला ने इस फिल्म में छत्तीसगढ़ का नया चेहरा दिखाने की कोशिश की है। अब तक प्रदेश पिछड़ा, नक्सल हिंसा-ग्रस्त राज्य ही माना जाता रहा है, पर तुषार ने अपनी कलात्मक प्रायोगिक फिल्मों एवं वीडियो आर्ट से इस राज्य का प्रतिनिधित्व कर पूरी दुनिया में इसकी नकारात्मक छवि को तोड़ते हुए एक नया ही चेहरा पेश किया है। तुषार ने एक्सपेरिमेंटल सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है। वे विशेष तरह की प्रायोगिक फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।
लाखों जीव-जंतुओं के संघर्ष की कहानी
तुषार ने फिल्म निर्माण के इस मिथक को धराशायी कर दिया है कि फिल्म निर्माण केवल भारी-भरकम उपकरण, तकनीक और धन के बल पर ही किया जा सकता है। द होम फिल्म का विषय बहुत ही गहराई लिए हुए है तथा इसका चित्रण और ध्वनि प्रभाव बहुत ही प्रायोगिक है। यही वजह है महत्वपूर्ण फिल्म महोत्सव में शामिल किया जा रहा है। यह फिल्म मनुष्य और लाखों सूक्ष्म जीव-जंतुओं के एक ही घर में निवास करने के तथ्य तथा आपस के परस्पर संघर्ष पर आधारित है।
26 वीं बार अंतरराष्ट्रीय मंच में प्रदर्शित
द होम फिल्म का इंटरनेशनल फेस्टिवल में यह अब तक का 26 वां चयन व प्रदर्शन है। इसे भारत सरकार के फिल्म डिविजन में आयोजित मुम्बई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, कांस फिल्म महोत्सव के शॉर्ट फिल्म कॉर्नर, ब्रिटिश फिल्म इंस्टिट्यूट, लंदन एशियन फिल्म महोत्सव, जापान मीडिया आर्ट फेस्टिवल, पेरिस फेस्टिवल ऑफ डिफरेंट सिनेमा, म्यूजियम ऑफ मास्को तथा फ्रांस, स्पेन, रशिया, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों के फिल्म फेस्टिवल में शामिल किया जा चुका है।