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Ashutosh Shashank Shekhar Shiv Stuti: महाशिवरात्रि पर पढ़ें ये शक्तिशाली शिव स्तुति, भोलेनाथ होंगे तुरंत प्रसन्न

Ashutosh Shashank Shekhar Shiv Stuti: महाशिवरात्रि और सावन के पावन अवसर पर पढ़ें शक्तिशाली शिव स्तुति। Ashutosh Shashank Shekhar Stuti से पाएं भगवान शिव की कृपा, शांति और सुख-समृद्धि।
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भारत

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Manoj Vashisth

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Updated: 15 Feb 2026, 10:32 AM IST

Ashutosh Shashank Shekhar Shiv Stuti

Ashutosh Shashank Shekhar Shiv Stuti : महाशिवरात्रि और सावन के पावन अवसर पर पढ़ें शक्तिशाली शिव स्तुति (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Ashutosh Shashank Shekhar Shiv Stuti : शिव स्तुति एक ऐसी प्रार्थना है, जिसमें दिल से निकले शब्द होते हैं। भोलेनाथ को खुश करने का इससे आसान तरीका शायद ही कोई हो। खासकर महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के दिन, जब लाखों लोग व्रत रखते हैं, उपवास करते हैं, जप-तप में डूबे रहते हैं। ऐसे में ये स्तुति पढ़ना उनके लिए खास मायने रखता है। सनातन धर्म में शिव को सिर्फ वैराग्य और ज्ञान का देवता नहीं मानते, बल्कि वे गृहस्थ जीवन को भी खुशहाल बनाने वाले माने जाते हैं। उनकी भक्ति में बस एक सच्चा भाव चाहिए, बाकी सब खुद आसान हो जाता है।

पूरे सावन महीने में, या फिर किसी भी शिव पर्व पर, लोग शिव जी के नाम का जप करते हैं, उनकी स्तुति गाते हैं। कहते हैं, शिव को मनाना बाकी देवों से कहीं आसान है, बस श्रद्धा चाहिए। 'Ashutosh Shashank Shekhar…' वाली ये शिव स्तुति पढ़ते ही लगता है जैसे भोलेनाथ खुद पास आ गए हों। नीचे ये स्तुति दी गई है। इसे जरूर पढ़ें, और चाहें तो अपने फोन में डाउनलोड करके अपने पास रख लें, ताकि जब भी मन करे, पढ़ सकें।

शिव स्तुति | Ashutosh Shashank Shekhar Shiv Stuti :

आशुतोष शशांक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा।

निर्विकार ओमकार अविनाशी, तुम्ही देवाधिदेव,
जगत सर्जक प्रलय करता, शिवम सत्यम सुंदरा।

निरंकार स्वरूप कालेश्वर, महा योगीश्वरा,
दयानिधि दानिश्वर जय, जटाधार अभयंकरा।

शूल पानी त्रिशूल धारी, औगड़ी बाघम्बरी,
जय महेश त्रिलोचनाय, विश्वनाथ विशम्भरा।

नाथ नागेश्वर हरो हर, पाप साप अभिशाप तम,
महादेव महान भोले, सदा शिव शिव संकरा।

जगत पति अनुरकती भक्ति, सदैव तेरे चरण हो,
क्षमा हो अपराध सब, जय जयति जगदीश्वरा।

जनम जीवन जगत का, संताप ताप मिटे सभी,
ओम नमः शिवाय मन, जपता रहे पञ्चाक्षरा।

आशुतोष शशांक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा।
कोटि नमन दिगम्बरा
कोटि नमन दिगम्बरा
कोटि नमन दिगम्बरा