Or just come to ask you improve the cleanliness of the city
भिलाई.
स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 के तहत स्वच्छ भारत मिशन की तीन सदस्यीम टीम ने मंगलवार को जोनवार पूरे शहर की सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग की। सदस्यों ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर पॉश कॉलोनियों और निचली बस्तियों के लोगों का फीडबैक लिया। व्यापारियों और स्कूली बच्चों से भी पूछा। इस दौरान ज्यादातर लोग सफाई व्यवस्थाा से असंतुष्ट नजर आए।
हमारा शहर तो जस का तस
लोगों ने कहा कि सफाई को लेकर साल-दो साल से नई-नई व्यवस्थाएं और बातें सुन रहे हैं, मगर हमारा शहर तो जस का तस है। आप लोग भी सिर्फ पूछने आए हैं कि शहर की सफाई व्यवस्था वाकई में सुधरेगी? स्वच्छ भारत मिशन के प्रोग्राम ऑफिसर पीआर धु्रव, शहरी विकास अभिरकरण के कार्यपालन यंत्री यूआर रामटेके और सहायक यंत्री बृजेश श्रीवास्तव दिनभर शहर के अलग-अलग हिस्सों में सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग की।
क्यूसीआई की टीम के आने से पहले सर्वेक्षण
दिल्ली की स्वच्छता सर्वेक्षण एजेंसी (क्यूसीआई) की टीम के आने से पहले इसे प्रारंभिक सर्वेक्षण बताया जा रहा है। टीम ने हर उस स्थान की फोटोग्राफी भी कराई जहां कि सफाई का निरीक्षण किया। देर शाम तक अपनी टिप्पणी और अंक के साथ भारत सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण की ऑनलाइन वेब पोर्टल पर बतौर सबूत अपलोड भी कर दिया। दौरे में निगम के अधीक्षण यंत्री आरके साहू और स्वास्थ्य अधिकारी अशोक पहाडिय़ा भी साथ थे।
यहां गई टीम
सुपेला आकाशंगगा, सब्जी मार्केट, होजियारी मार्केट, लक्ष्मी मार्केट, नेहरू नगर, सेगरीकेशन सेंटर, रामनगर, जवाहर मार्केट, सर्कुलर मार्केट, पॉवर हाउस रेलवे स्टेशन, शहीद वीर नारायण सिंह नगर, खुर्सीपार, छावनी, टाउनशिप और रुआबांधा।
यह देखा टीम ने
बाजारों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई। स्कूलों और मंदिरों के आसपास सफाई की स्थिति।घर-घर कचरा इकटठा किया जा रहा है कि नहीं। नालियों की सफाई कब-कब होती है। जमा कचरा कितने दिन में उठाते हैं।सार्वजनिक शौचालयों की सफाई।बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन की सफाई। सफाई कर्मी काम के प्रति कितने गंभीर हैं।शहर को साफ रखने में लोगों की भूमिका।