
A Joyful and Colorful Festival
नई दिल्ली। होली ( Holi ) खुशियों और भाईचारे का पर्व है। इस मौके पर लोग एक-दूसरे को रंग, गुलाल लगाकर होली मनाते हैं। होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इसके अगले दिन रंग और गुलाल के साथ होली खेली जाती है, जिसे धुलंडी नाम से जाना जाता है।
आइए जानते हैं होली से जुड़ी कुछ खास बातें ..
1. होली को वसंत ऋतु में मनाया जाता है। इसे देशभर में बड़ी ही धूमधाम और शोर-शराबे के साथ मनाया जाता है।
2. शुरूआत में होली को होलिका' या 'होलाका' कहते थे। होली को 'फगुआ', 'धुलेंडी', 'दोल' के नाम से जाना जाता है।
3. होली भारत के प्राचीन त्योहारों में से एक है, पुरानी मान्यताओं के अनुसार इससे कई दिलचस्प कहानियां जुड़ी हुई है।
4. इतिहासकारों के मुताबिक ये पर्व आर्यों में भी प्रचलित था, लेकिन अधिकतर यह पूर्वी भारत में ही मनाया जाता था।
5. नारद पुराण और भविष्य पुराण जैसे पुराणों की प्राचीन हस्तलिपियों और ग्रंथों में भी होली का जिक्र मिलता है।
6. प्रसिद्ध मुस्लिम पर्यटक अलबरूनी ने भी अपने ऐतिहासिक यात्रा संस्मरण में होलिकोत्सव का वर्णन किया है। होलिकोत्सव केवल हिंदू ही नहीं 'मुसलमान' भी मनाते हैं।
7. शाहजहां के दौर में होली को 'ईद-ए-गुलाबी' या 'आब-ए-पाशी' (रंगों की बौछार) कहा जाता था।
8. अकबर का जोधाबाई के साथ और जहांगीर का नूरजहां के साथ होली खेलने का वर्णन इतिहास में किया गया है।
9. होली का शास्त्रीय संगीत से भी गहरा नाता है। राजस्थान के अजमेर शहर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर गाई जाने वाली होली के गानों का रंग ही अलग है।
10. हिंदु धर्म की मान्यता अनुसार कृष्ण की लीलाओं में भी होली का विस्तार रूप से वर्णन किया गया है।
Published on:
05 Mar 2020 01:10 pm
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