
बर्थडे स्पेशल : पाकिस्तानी पूर्व प्रधानमंत्री बेनेजीर भुट्टो की मौत से जुड़े ये 10 रहस्य आज भी हैं अनसुलझे
नई दिल्ली। तेज तर्रार स्वभाव और बेबाक अंदाज के लिए याद की जाने वाली बेनेजीर भुट्टो की आज 66वीं जयंती हैं। वो एक ऐसी पहली महिला थी जिन्होंने पाकिस्तान ( Pakistan )के प्रधानमंत्री पद की कमान दो बार संभाली थी। उनकी पॉपुलैरिटी इतनी ज्यादा थी कि उन्हें न सिर्फ पाकिस्तान में बल्कि विदेशों में भी लोगों का खूब प्यार मिला। मगर साल 2007 में रावलपिंडी में उनकी हत्या कर दी गई। उनकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए थे, जिनमें से आज भी कई रहस्य अनसुलझे हैं।
1.पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता बेनजीर भुट्टो (Benazir Bhutto) की 27 दिसंबर 2007 को हत्या कर दी गई थी। उस वक्त वह रावलपिंडी में एक रैली में शिरकत करने के लिए आई थीं। उनकी मौत के कारणों के बारे में बात करें तो बताया जाता है कि 15 साल की एक सुसाइड बॉम्बर ने उन्हें मौत के घाट उतारा थ। वहीं कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी मौत गोली लगने की वजह से हुई है। हालांकि आज तक इसका स्पष्ट कारण नहीं मिल पाया है।
2.बेनेजीर की मौत के पीछे राजनीतिक कारण होने की भी बात सामने आई थी। क्योंकि भुट्टो के पिता ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के संस्थापक थे। वे 1971 में पाकिस्तान के राष्ट्रपति और तत्कालीन प्रधानमंत्री थे। बाद में सन् 1977 में तख्तापलट हो गया और अप्रैल 1979 में फांसी दे दी गई थी। ऐसे में बेनेजीर ने महज 29 साल की उम्र में ही पार्टी की कमान संभाल ली। लोगों को मानना है कि पार्टी की बागडोर बेनेजीर के हाथ में आने से उनकी किसी से रंजिश थी।
3.बेनेजीर भुट्टो की मौत पर पाकिस्तानी नेता एवं पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भी एक दावा किया था। उनके मुताबिक तालिबान नेता बैतुल्ला महसूद ने भुट्टो की हत्या का मास्टरमाइंड था। इस बात की पुष्टि अमेरिकी सरकार ने भी की थी।
4.उस वक्त कार्यरत सीआईए के प्रमुख माइकल हेडन ने 2008 में द वाशिंगटन पोस्ट सहित दूसरी मीडिया को बताया कि सितंबर 2009 में एक प्रीडेटर ड्रोन हमले से महसूद की मौत हो गई थी। मगर उसकी मौत के पीछे वजह क्या थी इसका अभी तक पता नहीं चल सका है। आशंका है कि माइकल बेनेजीर के सिलसिले में कुछ बता सकता था।
5.बेनेजीर भुट्टो की मौत को लेकर साल 2010 में संयुक्त राष्ट्र ने निष्कर्ष निकाला कि भुट्टो को अल-कायदा और उसके पाकिस्तानी तालिबान सहयोगियों ने मारा था, जिन्होंने 15 वर्षीय आत्मघाती हमलावर को भर्ती किया था। इस दौरान बेनेजीर की ओर से खुद की जान को खतरा होने की बात की सूचना भी दी गई थी। मगर पाकिस्तानी सरकार की ओर से कोई कदम न उठाए जाने से उनकी मौत के पीछे परवेज मुशर्रफ सरकार के शामिल होने का भी इशारा करती है।
6.इसी के जुर्म में साल 2013 में, मुशर्रफ को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन बेनेजीर की हत्या से होने वाले फायदे की बात आज तक पूरी तरह किसी को नहीं समझ आई है।
8.साल 2013 में प्रकाशित किताब "गेटिंग अवे विद मर्डर: बेनजीर भुट्टो की हत्या और पाकिस्तान की राजनीति," के मुताबिक बेनेजीर की हत्या के पीछे उनकी सुरक्षा का विस्तार था। मगर इसमें उनके परिवार वालों के शामिल होने पर भी शक गहराया था।
9.बेनेजीर हमेशा से अपने उसूलों पर चलने वाली महिला रही हैं। इसके चलते उनके दुश्मन काफी रहे हैं। इसमें उनके पार्टी के लोगों से लेकर विरोधी दल तक शामिल हैं। ऐसे में बेनेजीर की हत्या से सबसे ज्यादा फायदा किसे था इस बात का आज तक कोई भी पता नहीं लगा सका है।
10.पाकिस्तान एक ऐसा देश है जहां आधुनिक दौर में भी किसी महिला का शासन करना पसंद नही है। ऐसे में बेनेजीर ने दो बार वहां प्रधानमंत्री बनकर उनकी सभी धारणाओं को गलत साबित कर दिया। बेनेजीर की हत्या के पीछे एक ये सवाल भी उलझा हुआ दिखाई देता है।
Updated on:
21 Jun 2019 03:39 pm
Published on:
21 Jun 2019 03:37 pm
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