
दलित से शादी करने वालों को नहीं रहेगा बेघर होने का डर, इस अनोखी योजना से होंगे ये 10 फायदे
नई दिल्ली। अब दलित से शादी करने वालों को बेघर होने का डर नहीं रहेगा और न ही उन्हें समाज के ताने झेलने पड़ेगे। दरअसल केंद्र सरकार ऐसे लोगों के लिए एक ऐसी अनोखी योजना लेकर आई है जिसके तहत उन्हें ढाई लाख रुपए की मदद मिलेगी। तो क्या है ये योजना और कैसे उठाए इसका लाभ आइए जानते हैं।
1.सरकार ने जाति व्यवस्था की सामाजिक बुराई को खत्म करने और अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहन देने के लिए इस योजना की शुरुआत की है। इसमें डॉ.अंबेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटीग्रेशन थ्रू इंटरकास्ट मैरिज के तहत लोगों को ढाई लाख रुपए की मदद मुहैया कराई जाएगी।
2.ये स्कीम साल 2013 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने शुरू की थी। जिसे बीजेपी सरकार आगे बढ़ा रही है। इस योजना का लाभ पाने के लिए नवदंपति को अपने क्षेत्र के मौजूदा सांसद या विधायक की सिफारिश के साथ आवेदन करना होगा।
3.इसके लिए आपको आवेदन भरकर राज्य सरकार या जिला प्रशासन को सौंपना होगा। जिसे जांच के बाद डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन को भेजा जाएगा। यहां आपका आवेदन सही पाए जाने पर आपको योजना का लाभ मिलेगा।
4.इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए आपको कुछ बातों का ख्याल रखना होगा। जिनमें से एक शर्त यह है कि शादी करने वाले कपल में से कोई एक दलित समुदाय से होना चाहिए। जबकि दूसरा दलित समुदाय से बाहर का होना चाहिए।
5.शादी का हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत रजिस्टर होना बेहद जरूरी होगा। क्योंकि इसी आधार पर कपल योजना के लिए हलफनामा दाखिल कर सकेंगे।
6.इस योजना का लाभ पहली शादी करने वालों को ही मिलेगा। दूसरा विवाह करने पर इस स्कीम का लाभ नहीं होगा।
7.स्कीम की शर्तों के तहत नवदंपति में जो भी शख्स दलित यानी अनुसूचित जाति का होगा। उसे अपनी जाति का प्रमाण पत्र आवेदन के साथ अटैच करना होगा।
8.इसके अलावा दूसरे दस्तावेजों में कपल को अपनी शादी के रजिस्ट्रेशन का सर्टिफिकेट यानि इसकी फोटो कॉपी अटैच करनी होगी।
9.नवविवाहित पति-पत्नी को अपनी सालाना इनकम दिखाने के लिए आय प्रमाण पत्र भी देना होगा।
10.योजना का लाभ लेने के लिए नवदंपति को अपने-अपने बैंक खातों का डिटेल्स देना होगा, जिससे रुपए उनके अकाउंट में ट्रांसफर किए जा सकें।
Updated on:
07 Jul 2019 03:18 pm
Published on:
07 Jul 2019 02:57 pm
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