इस बार होली पर बन रहा है ये खास संयोग, जानें पूजा के शुभ मुहूर्त

  • पूर्णिमा की शुरुआत 20 मार्च को सुबह 10:44 बजे से होगी
  • इस साल रंग वाली होली के दिन चैत्र मास की शुरुआत होने पर पर्व का महत्व अधिक बढ़ गया है

By: Soma Roy

Published: 10 Mar 2019, 01:41 PM IST

नई दिल्ली। इस बार होली का पर्व 20 एवं 21 मार्च को पड़ रहा है। जिसमें होलिका दहन बुधवार और दुलहंदी गुरुवार को है। इस दिन ज्योतिष शास्त्र में बताए गए कुछ खास तरीके अपनाने से पूजा का फल दोगुना मिलेगा। तो कौन-से हैं वो टोटके आइए जानते हैं।

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1.फाल्गुन मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को होली का पर्व मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक इस साल होलिका दहन 20 मार्च यानि बुधवार के दिन है। जबकि रंग वाली होली यानि दुलहंदी 21 मार्च, गुरुवार के दिन है।

2.पंडित रामकृष्ण दीक्षित के मुताबिक इस बार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 10:44 बजे से होगी। जो कि अगले दिन यानि 21 मार्च को सुबह 07:12 बजे तक रहेगी।

3.पंडित रामकृष्ण के अनुसार इस बार रंग वाली होली 21 मार्च को पड़ने से एक खास संयोग बन रहा है। क्योंकि इसी दिन से चैत्र मास की भी शुरुआत हो रही है। ऐसे में होली पर किए जाने उपायों का लाभ दोगुना मिलेगा।

4.चैत्र मास की शुरुआत के दिन चंद्र कन्या और सूर्य मीन राशि में होंगे। इससे इन दोनों राशि के जातकों को लाभ होगा। उन्हें मान-सम्मान मिलने के साथ धन प्राप्ति के भी योग हैं।

5.होली का पर्व हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। कहते हैं कि इस दिन रंगों के मेल से लोगों में भिन्नता खत्म होती है। इसलिए लोगों को मन में द्वेष या बैर की भावना नहीं रखनी चाहिए।

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6.पंडित रामकृष्ण के अनुसार होलिका दहन पर पूजा का शुभ समय 20 मार्च को रात 8:57 मिनट से लेकर 12:28 मिनट तक है।

7.इस बार भद्रा पुंछ का आरंभ 20 मार्च को शाम 5:27 मिनट से लेकर 6:24 मिनट तक है। जबकि भद्रा मुख की शुरुआत शाम 6:24 मिनट से रात 8:07 बजे तर रहेगी।

8.होलिका दहन के लिए पूजा करते समय होलिका पर हल्दी से टीका जरूर लगाएं। इससे घर में समृद्धि आएगी।

9.इसके अलावा होलिका के चारों ओर अबीर या गुलाल से रंगोली बनाएं और उसमें पांच फल, अन्न और मिठाई चढ़ाएं।

10.अब होलिका पूजन के आखिर में सात बार परिक्रमा करके जल अर्पण करें। इससे आपके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।

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