
डायबिटीज समेत इन बीमारियों से पाना है छुटकारा तो करें इस जड़ी बूटी का प्रयोग
नई दिल्ली। आजकल ज्यादातर लोग डायबिटीज के शिकार हैं। इसकी वजह फास्ट फूड का ज्यादा खाना है। अगर आप भी इस बीमारी से ग्रसित हैं तो आपके लिए इंद्रायन का उपयोग बहुत फायदेमंद हो सकता है। इससे ब्लड शुगर लेवल कम होने के साथ बवासीर एवं कब्ज आदि में भी लाभ होगा।
1.इंद्रायण में एंटी-डाइबेटिक गुण होते हैं। इस जड़ी बूटी को पीसकर गुनगुने पानी के साथ लेने पर रक्त शर्करा का स्तर कम हो जाता है। जिससे डायबिटीज के रोगियों को फायदा होता है।
2.पिप्पली और इन्द्रायण की जड़ों को पीसकर गोलियां तैयार कर लें। इन गोलियों को सुखा लें। अब प्रतिदिन पानी के साथ इसका सेवन करें। इससे बवासीर के रोग में लाभ मिलेगा।
3.इंद्रायण की जड़ को पीसकर इसका रस निकाल लें। इस रस को मुंहासों के ऊपर लगाएं। इसमें मौजूद एंटी हीलिंग प्रापर्टीज बैक्टीरिया को खत्म करते हैं।
4.ऑस्टियोआर्थराइटिस से जुड़े दर्द और सूजन को कम करने में भी इंद्रायण लाभकारी साबित होता है। क्योंकि इसमें मौजूद सूजन कोशिकाओं में प्रो-इंफ्लामेटरी साइटोकिन्स (pro-inflammatory cytokines) के स्तरइथेनॉल (ethanol) को कम करता है।
5.इन्द्रायण जड़ी बूटी का उपयोग पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। इसके सेवन के लिए इंद्रायण की सूखी हुई जड़ों को पीसकर पाउडर तैयार कर लें। आप सुबह के समय 1 गिलास गर्म पानी में 1 चुटकी पाउडर को मिलाएं और सेवन करें। इससे पेट की आंतों में मौजूद कीड़े नष्ट हो जाएंगे।
6.इन्द्रायण तेल का उपयोग करने पर बाल तेजी से बढ़ते हैं। इससे डैंड्रफ और दो मुंहे बालों की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।
7.अगर किसी को पीरियड्स की अनियमितता की दिक्कत है तो तीन ग्राम इंद्रायण के बीज और 5 नग काली मिर्च पीसकर 250 ग्राम पानी में काढ़ा बनाकर पिएं। इससे समस्या दूर हो जाएगी।
8. बेल पत्रों के साथ इन्द्रायण की जड़ो को पीसकर 15-20 ग्राम की मात्रा नियमित सुबह-शाम पीने से गर्भधारण में आसानी होती है।
9.स्त्रियों के स्तनों में सूजन हो जाने पर इन्द्रायण की जड़ को घिसकर लेप लगाएं। इससे दर्द और सूजन कम होगी।
10.इन्द्रायण की जड़ को पानी के साथ पीस छानकर 5-10 ग्राम की मात्रा में आवश्यकतानुसार पिलाने से मूत्र की रुकावट या पेशाब की जलन की समस्या दूर हो जाती है।
Published on:
22 Feb 2019 03:31 pm
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