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Kargil Vijay Diwas : -48 डिग्री के तापमान में दिखा था भारतीय जवानों का दम, इन 10 तरीकों से दी थी पाक को मात

Kargil Vijay Diwas : 26 जुलाई के दिन कारगिल की पहाड़ियों पर भारतीय सैनिकों ने हासिल की थी जीत जवानों की शहादत को याद करने के लिए कारगिल विजय दिवस की आज 20वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है

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Soma Roy

Jul 26, 2019

kargil vijay diwas

नई दिल्ली। भारत में घुसपैठ करने वाले पाकिस्तान को भारतीय सेना ने 26 जुलाई के दिन मात दी थी। कारगिल ( Kargil war ) की पहाड़िायों पर मिली इसी जीत के आज 20 साल पूरे हो रहे हैं। भारतीय शहीदों की इसी शहादत को याद करने के लिए हर साल कारगिल विजय दिवस ( Kargil Vijay Diwas ) मनाया जाता है। इस मौके पर हम आपको कारगिल युद्ध से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में बताएंगे।

1.कारगिल युद्ध कश्मीर जिले के पहले पोस्ट पर हुआ था। पाकिस्तान लद्दाख और कश्मीर के बीच संपर्क को तोड़ना था। इसी मकसद से उसने घुसपैठ की थी। पाक सैनिक नियंत्रण रेखा यानि LOC को पार करके भारतीय सीमा में घुस आए थे।

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2.पाकिस्तानियों के घुसपैठ की भारतीय सेना को सूचना एक चरवाहे ने दी थी। इसके बाद से ही सेना हरकत में आ गई थी। कारगिल की ऊंची पहाडि़यों पर पाक के लगभग पांच हजार सैनिकों ने कब्जा जमा लिया था। युद्ध की शुरुआत 3 मई 1999 से हो गई थी। पाक को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए ऑपरेशन विजय की शुरुआत की गई थी।

3.भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान से बेहद कठिन परिस्थितियों में मुकाबला किया। जवानों ने रूह कंपा देने वाली ठंड जहां तापमान करीब -48 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे था। ऐसे हालत में पाकिस्तानी सेना से लोहा लिया। ये युद्ध लगभग 60 दिनों तक चला था।

4.बताया जाता है कारगिल युद्ध का कारण पाकिस्तान की कूटनीति थी। भारत और पाकिस्तान के बीच शांति कायम रखने के लिए एक समझौता हुआ था। इसमें कश्मीर मुद्दे को लेकर द्विपक्षीय वार्ता होनी थी। मगर पाकिस्तानी सैनिकों ने छिपाकर भारतीय नियंत्रण रेखा प्रवेश कर लिया। पाक ने अपने मिशन का नाम "ऑपरेशन बद्र" रखा था।

5.पाकिस्तान के मनसूबों पर पानी फेरने के लिए भारतीय जवानों ने आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ मिग-27 और मिग-29 से हवाई हमने किए। इसके अलावा पाक के कब्जे से कब्जों को हटाने के लिए आर-77 मिसाइलों से हमला किया गया।

6.कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने जमकर अपनी सैन्य ताकत का प्रयोग किया था। तभी इस जंग में करीब दो लाख पचास हजार गोले दागे गए। जबकि 5,000 बम फायर करने के लिए 300 से ज्यादा मोर्टार, तोपों और रॉकेट का इस्तेमाल भी किया गया था।

7.बताया जाता है कि पाक सेना के हौसले पस्त करने के लिए भारतीय सेना लड़ाई के 17 दिनों में हर रोज प्रति मिनट में एक राउंड फायर किया गया। आंकड़ों के मुताबिक द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कारगिल वार एक ऐसा युद्ध था जिसमें दुश्मन की सेना पर इतनी बड़ी संख्या में बमबारी की गई थी।

8.इस जंग में कई भारतीय सैनिकों ने अपने प्राण भी न्यौछावर किए थे। रिकॉर्ड के मुताबिक कारगिल वार में लगभग 527 जवान शहीद हुए थे। वहीं करीब सैनिक 1363 घायल हो गए थे।

9.इस लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा था। इसमें उनके करीब तीन हजार जवान मारे गए थे। हालांकि पाक की ओर से जारी किए आंकड़ों के मुताबिक मरने वाले सैनिकों की संख्सया महज 357 ही थे।

10.भारत की ओर से चलाया गया ऑपरेशन विजय 8 मई को शुरू हुआ था, जो कि 26 जुलाई को खत्म हुआ था। भारतीय जवानों ने कारगिल की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराकर पूरे विश्व में एक मिसाल कायम की थी।