
प्रसाद बांटने के बहाने ये घिनौनी हरकत करता था नारायण साईं, ऐसे बनाता था लड़कियों को अपना शिकार
नई दिल्ली। साधवी से दुष्कर्म के मामले में साल 2013 से जेल में बंद आसाराम बापू के बेटे नारायण साईं को कोर्ट ने 26 अप्रैल को दोषी मान लिया था। इसी मामले में नारायण साईं को आज सजा सुनाई जाएगी। अपने बाप की तरह ही कुकर्मों में लिप्त नारायण साईं न सिर्फ लड़कियों से दुष्कर्म करता था। बल्कि उन्हें अपनी जाल में फंसाने के लिए पूरी प्लानिंग भी करता था।
1.नारायण साईं प्रवचन की आड़ में लड़कियों को अपनी जाल में फंसाने की कोशिश करता था। उसने सूरत में अपनी दो शिष्याओं को हवस का शिकार बनाया था। उनमें से एक की रिपोर्ट और दूसरे गवाहों के बयानों के आधार पर नारायण को गिरफ्तार किया गया था।
2.नारायण साईं पर आरोप लगाने वाली महिलाओंं के मुताबिक वो उन्हें कथा के बहाने आश्रम बुलाता था। इसके बाद उनसे दुष्कर्म करता था। इस घिनौने काम में साईं का पिता आसाराम भी उसका साथ देता था।
3.पीड़िताओं के मुताबिक नारायण साईं सत्संग के बाद प्रसाद बांटता था। इस दौरान वो जिस किसी महिला का हाथ दबा देता था। वो इस बात का इशारा होता था कि वो महिला उसे पसंद है। अब उसे नारायण तक पहुंचाया जाए।
4.हैरानी की बात यह है कि नारायण साईं के इस घटिया मनसूबे को पूरा करने में उसकी पत्नी भी उसका साथ देती थी। वो खुद महिला साधकों को उस तक ले जाती थी।
5.पीड़िताओं के मुताबिक नारायण साईं ने उनके अलावा भी कई महिलाओं को अपना शिकार बनाया है। जब भी कोई महिला उसके खिलाफ शिकायत करने का मन बनाती थी, तब साईं उनसे प्यार का झूठा नाटक करता था। वो उन्हें अपनी बातों में फंसाने के लिए लव लेटर्स भी लिखता था।
6.कहा जाता है कि नारायण साईं खुद को लड़कियों से 'स्वीटहार्ट' गॉड कहलवाना बहुत पसंद था। इसीलिए वो हमेशा अपने आस-पास महिला साधकों को रखता था।
7.नारायण साईं के खिलाफ सूरत में मामला दर्ज कराने वाली पीड़िता के मुताबिक वो उनसे एक नहीं बल्कि कई अलग-अलग जगहों पर ले जाकर दुष्कर्म करता था। साल 2002 में होली उत्सव में बिहार के अहियारी के नए आश्रम में आयोजित सत्संग में उसने खास महिला साधकों को बुलाया था।
8.वहां उसने इशारे से उन्हें कुटिया में बुलाया था। इसके बाद उनसे छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी। इतना ही नहीं नारायण ने उन्हें नेपाल के काठमांडू स्थित एक आश्रम में ले जाकर उनका शोषण किया था।
9.पीड़िता के मुताबिक नारायण साईं के रोजाना शोषण किए जाने से परेशान होकर जब उन्होंने आश्रम से भागने की कोशिश की तो उन्हें बंधक बना लिया गया। साथ ही उनकी पिटाई भी की गई। बाद में उन्होंने अपनी मां के बीमार होने का बहाना बताकर आश्रम से दोबारा भाग निकली थीं।
10.मालूम हो कि महिला की ओर से शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस नारायण साईं को पकड़ने के लिए उसके आश्रम पहुंची थी। मगर बाबा पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को करीब 58 दिनों की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। आखिरकार पुलिस ने उसे दिल्ली-हरियाणा हाइवे के पास से गिरफ्तार किया गया था।
Updated on:
30 Apr 2019 11:19 am
Published on:
30 Apr 2019 11:19 am
