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गठिया से हैं परेशान तो खाने में शामिल करें दो लाल मिर्च, होंगे ये फायदे

लाल मिर्च में कैप्सेसिन नामक तत्व होता है जो दर्द को कम करने में मदद करता है। नीलगिरी के तेल से मालिश करने पर भी गठिया रोग में आराम मिलता है।

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गठिया से हैं परेशान तो खाने में शामिल करें दो लाल मिर्च, होंगे ये फायदे

नई दिल्ली। आजकल ज्यादातर लोग गठिया रोग से परेशान हैं। इसके चलते उन्हें चलने और उठने-बैठने में दिक्कत होती है। इससे छुटकारा पाने के लिए रोजाना लाल मिर्च का सेवन और कुछ अन्य उपाय बेहद कारगर साबित हो सकते हैं।

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1.यूं तो लाल मिर्च खाने से मुंह जल जाता है, लेकिन इसकी यही खूबी गठिया रोग को ठीक करने में मदद करती है। दरअसल लाल मिर्च में कैप्सेसिन (Capsaicin) नामक घटक मौजूद रहता है। यह गठिया से संबंधित दर्द को कम करने में सहायक होता है।

2.2014 में किये गए एक अध्‍ययन से पता चलता है कि कैपेसिसिन पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द को कम करने में प्रभावी होता है। इसके लिए प्रभावित जगह पर 20 सप्‍ताह तक लाल मिर्च को पीसकर उसका पेस्ट लगाएं। इससे लाभ होगा। आप चाहे तो रोजाना खाने में दो लाल मिर्च का इस्तेमाल कर सकते हैं।

3.जो लोग गठिया के दर्द से परेशान हैं उनके लिए अजवाइन एक आयुर्वेदिक दवा का काम करती है। अजवाइन में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं जो गठिया के दर्द और सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। इसके लिए आपको गर्म पानी में अजवाइन डालकर उसमें तौलिया डूबोकर प्रभावित क्षेत्र पर बांधे।

4.गठिया रोग से छुटकारा पाने के लिए निर्गुण्डी नामक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी भी बहुत फायदेमंद होती है। निर्गुंडी में एंटी-इंफ्लामेटरी, एंटी-कनवल्जिंग (anti-convulsing) और एंटीऑक्‍सीडेंट गुण होते हैं जो जोड़ो की समस्‍या को दूर करते हैं।

5.गठिया के लिए दशमूल एक रामबाण उपाय है। इस जड़ी बूटी में 5 पेड़ों की जड़ों और 5 झाडियों की जड़ों का मिश्रण होता है। रोजाना इसके एक चम्मच पाउडर के सेवन से जोड़ों के दर्द से राहत पाई जा सकती है।

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6.नीलगिरी के पत्‍तों में टैनिन होते हैं जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी गुण दर्द को कम करने में सहायक होते हैं। इसलिए रोजाना इसके तेल से मालिश करने पर गठिया रोग दूर होता है।

7.अदरक में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। इसके नियमित सेवन शरीर से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। जिससे गठिया की सूजन को कम करने में मदद मिलती है।

8.हल्‍दी में करक्यूमिन नामक एक सक्रिय घटक होता है। यह हड्डियों और उपास्थि को नुकसान से बचाते हैं। इससे सूजन और दर्द से छुटकारा मिलता है।

9.अरंडी के तेल में एंटी सेप्टिक गुण होते हैं। रोजाना इसके तेल से मालिश करने पर हड्डियां मजबूत बनती हैं। इससे गठिया से भी छुटकारा मिलता है।

10.रोजना एक चम्मच अश्वगंधा के पाउडर का सेवन भी गठिया रोग में आराम दिलाता है। इससे सूजन और दर्द कम होता है।