
नई दिल्ली। मरने के बाद इंसान कहां जाता है, उस वक्त इंसान को क्या महसूस होता है, क्या उसे सारी बातें याद रहती हैं, ऐसे ही तमाम सवाल अक्सर हमारे दिमाग में घूमते रहते हैं, लेकिन मरने से पहले हम क्या अनुभव करते हैं इसकी अभी तक सटीक जानकारी नही मिल पाई है। हालांकि इस मसले पर कई वैज्ञानिकों ने अलग—अलग शोध किए हैं। किसी के अनुसार मृत्यु के ठीक 30 सेकेंड पहले इंसान अपनी पुरानी यादों में चला जाता है। वहीं कुछ के मुताबिक मस्तिष्क खुद को डिएक्टिवेट करने लगता है। तो क्या है मरने से पहले दिमाग की ये गुत्थी आइए जानते हैं।
1. शट डाउन होता है दिमाग
जिस तरह हम जन्म लेने के बाद विकसित होते हैं, उसी तरह मरते समय शरीर हमारी इस प्रक्रिया पर विराम लगाता है। मरने से 30 सेकेंड पहले हमारे शरीर के एक—एक अंग निष्क्रिय होने लगते हैं। सबसे आखिरी में हमारे कान यानि सुनने की क्षमता खत्म होती है।
2. फ़्लैशबैक में जाता है दिमाग
शरीर के शट डाउन होने से पहले व्यक्ति् को अपनी हर वो चीज याद आती है जो उसके लिए खास होती हैं। उसे अपने बचपन में बिताए हुए लम्हें से लेकर पहली नौकरी मिलने तक हर बात याद आती है। कई बार इन लम्हों को यादकर व्यक्ति भावुक भी हो जाता है। इस दौरान उसे अपने किए हुए खराब काम का भी पछतावा होता है।
3. जाने लगती है याददाश्त
फ़्लैशबैक के बाद धीरे—धीरे इंसान का शरीर निष्क्रिय होने लगता है। व्यक्ति की सारी यादें धुलनी होने लगती है। उसे जो कुछ भी याद था वो सब भूलने लगता है। उसे न तो कोई सगा—संबंधी याद रहता है और न ही अपना ज्ञान। बस वो एक खाली कम्प्यूटर की तरह हो जाता है। जिसमें कभी कुछ भरा ही न गया हो।
4. बोलने में हो जाते हैं असमर्थ
जब इंसान मरने वाला होता है तो उसकी इंद्रिया भी काम करना बंद करने लगती हैं। डिएक्टिवेशन की इस प्रक्रिया में व्यक्ति की आंखों की रौशनी धीरे—धीरे जाने लगती है। वो अपने आस—पास के लोगों को नहीं देख पाता। इसके अलावा उनके बोलने की शक्ति भी चली जाती है। वे चाहकर भी किसी से कुछ कछ नहीं सकते। इसी कारण व्यक्ति मरने के एहसास को किसी को नहीं बता पाता है।
5. कोई भी एहसास न होना
मरने से पहले शरीर में कोई संवेदना भी नहीं रह जाती। उस वक्त व्यक्ति को दुख, दर्द, खुशी इन सबका कोई ज्ञान नहीं रहता। वह सिर्फ एक शिथिल शरीर की तरह रहता है। उस वक्त दिमाग की तंत्रिका तंत्र काम नही करती।
6. लगता है डर
कई लोगों को मरते समय डर का भी एहसास होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार दिमाग पुरानी चीजों को भूलकर बिल्कुल ब्लैंक हो जाता है। वह आने वाले समय से जुड़ने वाला होता है। तभी उसके मस्तिष्क में रसायनिक क्रिया होती है, जो भय का अनुभव कराती है। आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो डर लगने का कारण व्यक्ति को परमात्मा के साक्षात दर्शन से होते हैं। इस वक्त इंसान खुद को बहुत छोटा महसूस करता है।
7. शरीर से निकलने लगती है आत्मा
आध्यात्मिक दृष्टिकोण से आत्मा का बहुत महत्व होता है। इस थ्योरी के अनुसार व्यक्ति के मौत के तुरंत बाद उसकी आत्मा पुराना शरीर छोड़ देती है। उस समय व्यक्ति् को सीधे परमात्मा से जुड़ने का एहसास होता है। कई लोगों ने इस तथ्य को सही भी माना है।
8. सुरंग से गुजरती है आत्मा
कहते हैं कि हमारी आत्मा भूत, भविष्य और वर्तमान तीनों काल में विचरण कर सकती है। जब आत्मा किसी शरीर में होती है तब वह वर्तमान में रहती है। वहीं मृत्यु के बाद आत्मा शरीर से निकल जाती है। इसे दूसरे काल में पहुंचने के लिए जो दूरी तय करनी होती है, वो एक सुरंग जैसी प्रतीत होती है। इसी के चलते कई लोगों को मरते समय रौशनी भी दिखाई देती है।
Updated on:
23 Mar 2018 03:00 pm
Published on:
23 Mar 2018 02:43 pm
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