
Indian economy
नई दिल्ली। भले ही भारत की इकोनॉकी ( Indian Economy ) मौजूदा समय सबसे खराब स्थिति में हो। वहीं सभी आर्थिक संस्थाओं के अनुमानों में भारत की इकोनॉमी के आंकड़े चिंताजनक हो, लेकिन वित्त वर्ष 2021-20 भारत का होगा। अगर एशियन बैैंक डेवलपमेंट बैंक आउटलुक की अपडेट फोरकास्ट रिपोर्ट को आधार मानकर चले तो 2021-22 में भारत की जीडीपी ग्रोथ चीन, कोरिया, सिंगापुर जैसे मजबूत और विकसित देशों से ज्यादा होने का अनुमान लगाया गया है। सिर्फ भारत से सटा छोटा सा टापू नुमा देश मालदीव की जीडीपी ग्रोथ रेट भारत से ज्यादा होने का अनुमान लगाया गया है। आपको बता दें कि इस साल भारत की जीडीपी के 9 फीसदी नीचे रहने का अनुसान लगाया गया है। वहीं एशिया की जीडीपी 60 साल में पहली बार गिरावट में गई है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर भारत की स्थिति किस तरह की रहने के आसार हैं।
8 फीसदी की ग्रोथ रेट से आगे बढ़ेगी इंडियन इकोनॉमी
वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की जीडीपी का अनुमान 8 फीसदी लगाया गया है। खास बात को ये है कि यह चीन, सिंगापुर और कोरिया से ज्यादा है। आंकड़ों के अनुसार चीन की जीडीपी का अनुमान 7.7 फीसदी है। जो भारत के मुकाबले मामूली अंतर से कम है। वहीं सिंगापुर की जीडीपी का अनुमान 4.5 फीसदी लगाया गया है। रिपब्लिक कोरिया की जीडीपी 3.3 फीसदी रह सकती है। जबकि थाईलैंड की जीडीपी का अनुमान 4.5 फीसदी लगाया गया है। जो भारत के मुकाबले आधी है। जानकारों की मानें तो पहले से काफी तेजी ग्रो करने वाला देश रहा है। कोरोना वायरस की वजह से देश के आर्थिक ढांचे में छेद होने से जीडीपी में गिरावट देखने को मिली है।
सिर्फ मालदीव से पीछे है भारत
वहीं दूसरी ओर मालदीव की बात करें तो एडीबी की रिपोर्ट में 46 देशों के लिए किए अनुमान में इकलौका देश ऐसा है जिसकी ग्रोथ का अनुमान डबल डिजिट में किया गया है। एडीबी के आंकड़ों के अनुसार मालदीव की ग्रोथ 10.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। भारत के मुकाबले 2.5 फीसदी ज्यादा। मालदीव के बाद भारत की ग्रोथ रेट में सबसे ज्यादा अनुमान लगाया गया है। मौजूदा समय में मालदीव में कोरोना के कुल केसों की बात करें तो 9243 हैं, जिनमें से 7536 रिकवर हो चुके हैं और कुल 33 लोगों की मौत हुई है। वहीं बात भारत की करें तो कुल केसों की संख्या 49 लाख से ज्यादा पहुंच चुकी है। 38.6 लाख लोग रिकवर हो चुके हैं, जबकि 80,776 लोगों की मौत हो चुकी है।
सार्क देशों की कुछ ऐसी होगी स्थिति
सार्क देशों के हिसाब से बात करें तो भारत की ग्रोथ रेट बाकी देशों के मुकाबले काफी बेहतर होगी। अफगानिस्तान और नेपाल की ग्रोथ रेट का अनुमान सबसे कम लगाया गया है। दोनों 1.5 फीसदी के साथ आगे बढ़ सकते हैं। जबकि पाकिस्तान 2 फीसदी और भूटान 1.7 फीसदी की ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया गया है। बांग्लादेश थोड़ी बेहतर स्थिति में रह सकता है। जिसकी ग्रोथ रेट का अनुमान 6.8 फीसदी रह सकता है। जबकि श्रीलंका का ग्रोथ रेट का अनुमान 4.1 फीसदी है।
2021-22 में सार्क देशों की ग्रोथ रेट का अनुमान
| देश | वित्त वर्ष 2021-22 का जीडीपी अनुमान ( फीसदी में ) |
| बांग्लादेश | 6.8 |
| भूटान | 1.7 |
| इंडिया | 8 |
| मालदीव | 10.5 |
| नेपाल | 1.5 |
| पाकिस्तान | 2 |
| श्रीलंका | 4.1 |
| अफगानिस्तान | 1.5 |
आसियान देशों की इकोनॉमी का ऐसा रहेगा हाल
अगर बात आसियान देशों की करें तो एशिया के सबसे बड़े आर्थिक और संगठनों में से एक है। जिसमें भारत सदस्य देश नहीं है। अगर आसियान देशों के हिसाब से एडीबी के आंकड़ों कों को देखें तो मलेशिया और फिलिपिंस की स्थिति सबसे बेहतर रहने के आसार हैं। दोनों की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.5 फीसदी लगाया गया है। उसके बाद वियतनाम 6.3 फीसदी और मयंमार की ग्रोथ रेट 6 फीसदी का अनुमान लगाया गया है। ब्रुनेई 3 फीसदी, कंबोडिया 5.9 फीसदी, इंडोनेशिया 5.3 फीसदी, लाउस 4.5 फीसदी का अनुमान लगाया गया है।
2021-22 में आसियान देशों की ग्रोथ रेट का अनुमान
| देश | वित्त वर्ष 2021-22 का जीडीपी अनुमान ( फीसदी में ) |
| ब्रुनेई | 3 |
| कंबोडिया | 5.9 |
| इंडोनेशिया | 5.3 |
| लाउस | 4.5 |
| मलेशिया | 6.5 |
| मयंमार | 6 |
| फिलिपींस | 6.5 |
| सिंगापुर | 4.5 |
| थाईलैंड | 4.5 |
| वियतनाम | 6.3 |
Updated on:
15 Sept 2020 07:43 pm
Published on:
15 Sept 2020 05:01 pm
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