
आज किशोर कुमार की पुण्यतिथि है। 13 अक्टूबर, 1987 को संगीत के इस रोशन सितारे ने हम सभी को अलविदा कह दिया । वे जितने अच्छे गायक थे उतने ही अच्छे एक्टर भी थे। किशोर कुमार का जन्म मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। किशोर म्यूजिक इंडस्ट्री का एक ऐसा सितारा थे जो आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं।
‘मेरे सामने वाली खिड़की में’, ‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू’ जैसे सदाबहार गीत आज भी खूब सुने जाते हैं। सत्तर और अस्सी के दशक में किशोर कुमार सबसे महंगे गायक थे। उन्होंने उस वक्त के सभी बड़े सितारों के लिए अपनी आवाज दी। किशोर दा को इंडस्ट्री में दिग्गज एक्टर अशोक कुमार के भाई होने के बावजूद भी अपनी जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
किशोर अत्यंत मासूम और भोले थे। खंडवा और निमाड़ की दोष रहित धूल से सनी, कस्बाई धवल संस्कृति से भरी उनकी परवरिश ने उन्हें अंदर से भी शुद्ध रखा हुआ था। धोखा देना, फरेब करना, मतलबी होना, उन्हें बिल्कुल नहीं सुहाता था। जो अंदर के असली किशोर को समझता और उससे मिलना चाहता, बस उसी से मिलते थे। वह ईर्ष्या और स्वार्थ की दुनिया से दूर रहते। अपने आप में, घर पर संगीत और हॉरर फिल्मों के शौक में मस्त रहते या फिर अपने प्रिय पेड़ों, जिनके नाम उन्होंने गोवर्धन, झटपट झटापट, जनार्दन, रघुनंदन, गंगाधर आदि रखे थे, उनसे बात करते।
किशोर कुमार का मन हमेशा अपने जन्मस्थान खंडवा में रमा रहा। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, कौन मूर्ख इस शहर में रहना चाहता है। यहां हर कोई दूसरे का इस्तेमाल करना चाहता है। कोई दोस्त नहीं है। किसी पर भरोसा नहीं कर सकते हैं। मैं इन सबसे दूर चला जाऊंगा। अपने शहर खंडवा में। इस बदसूरत शहर में भला कौन रहे।
किशोर कुमार उस सदी के एक ऐसे सिंगर थे जो मेल और फीमेल दोनों ही आवाज में गाना गाते थे। 1962 में रिलीज हुई फिल्म 'हाफ टिकट' में उन्होंने 'आके सीधे लगी दिल पे जैसी' गाने में उसका मेल और फीमेल वर्जन दोनों गाया था। सिनेमा की इस महान हस्ती के योगदान को भारतीय सिनेमा कभी भुला नहीं सकता।
Published on:
13 Oct 2022 11:05 am
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