
बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से की जा रही शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए अब तक 55 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इनमें से 36 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन कर दिया है।गौरतलब है कि एक लाख 70 हजार पदों पर शिक्षकों की भर्ती हो रही है। 12 जुलाई तक आवेदन भरे जा सकते हैं। खास बात यह है कि बिहार के अलावा अब बाहर के उम्मीदवार भी आवेदन भर सकेंगे। क्योंकि दो दिन पहले बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में इस प्रतिबंध को हटा लिया गया।
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बिहार शिक्षक भर्ती 2023
बिहार राज्य में शिक्षा वर्ग से स्नातक या मास्टर डिग्री रखने वाले अभ्यर्थियों से आनलाइन आवेदन मंगाए जा रहे हैं। यह आवेदन बिहार लोक सेवा आय़ोग की वेबसाइट पर मंगाए जा रहे हैं। प्राथमिक शिक्षक, पीजीटी और टीजीटी के कुल 170461 पदों पर भर्ती की जा रही है। बिहार पीएससी की वेबसाइट bpsc.bih.nic.in के जरिए आवेदन फॉर्म ऑनलाइन भरे जा सकते हैं।
प्राथमिक विद्यालय अध्यापक
1 से 5वीं तक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले अध्यापकों के 79943 पद हैं। इस पद के लिए 25 हजार रुपए प्रतिमाह एवं अन्य भत्ते दिए जाएंगे। स्थायी और नी पेंशन योजना के नियमानुसार अनुमान्य। इस पद पर ज्वाइन से लेकर दो साल की अवधि प्रोबेशन पीरियड मानी जाएगी और काम संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो प्रोबेशन पीरियड में विस्तार किया जा सकता है।
माध्यमिक अध्यापक
9 से 10 तक माध्यमिक विद्यालय के अद्यापकों के लिए 32916 पदों पर भर्ती निकली है। इसमें सभी विषय शामिल हैं। इनमें हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, उर्दू, अरबी, फारसी, बांग्ला शामिल हैं। सबसे ज्यादा पद हिन्दी के हैं। यह पद अराजपत्रित है और इसमें मूल वेतन 31,000 रुपए प्रतिमाह और अन्य भत्ते शामिल हैं। इस पद के लिए स्थायी एवं नई पेंशन योजना के नियमानुसार अनुमान्य। इसमें भी दो साल का प्रोबेशन पीरियड होगा।
उच्च माध्यमिक
11 से 12 के बीच उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 30 विषयों के 57602 पदों पर भर्ती की जा रही है। यह अराजपत्रित पद है एवं मूल वेतन 32000 प्रतिमाह एवं अन्य भत्ते दिए जाएंगे। इस में भी स्थायी और नई पेंशन योजना के नियमानुसार अनुमान्य है। दो साल की परिवीक्षा अवधि इसमें भी होगी। सभी पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 जुलाई 2023 है।
राज्यकर्मी का दर्जा मिलेगा
बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग के नियोजित शिक्षक भी इसमें भाग ले रहे हैं। अब तक कई विद्यालयों में कार्यरत दो हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों ने भी आवेदन भर दिया है। लोक सेवा आयोग से नियुक्ति के बाद इन शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिलेगा। साल 2012 और 2020 में ग्राम पंचायतों और नगर निकायों द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति में भी बिहार के निवासी होने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई थी। वर्ष 2006 की नियमावली में संशोधन के बाद यह व्यवस्था की गई थी।
Updated on:
29 Jun 2023, 3:32 PM IST
Published on:
29 Jun 2023, 3:30 PM IST
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