
Rajasthan Police Exam 2018
Rajasthan Police Exam 2018 :राजस्थान पुलिस कांस्टेबल परीक्षा शुरू होने के साथ ही हैकिंग जैसे हाईटेक तरीके से नक़ल करवाने का मामला सामने आया। अंगूठे के क्लोन बना लिए गए। राजस्थान पुलिस पहली बार ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन करवा रहा है। ऑनलाइन परीक्षा में एक के बाद एक नक़ल के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में विभाग परीक्षा को रद्द करने पर विचार कर रहा है। SOG की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा को रद्द किया जा सकता हैं।
दोहरी ठगी : परीक्षार्थियों के अंगूठे का क्लोन बनाया, लगाया खुद का अंगूठा
भरतपुर के डीग निवासी बलदेव ने परीक्षार्थियों का अंगूठे का क्लोन बनाया। भरतपुर के नरेश जाट जो खुद कांस्टेबल की परीक्षा दे रहा था। परीक्षा की साथ तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों को नकल के लिए तैयार किया और उनके अंगूठे का क्लोन बनाया। आरोपित नरेश जाट ने छह अभ्यर्थियों को चिह्नित करवाया है, जिनकी जगह दूसरे अभ्यर्थी परीक्षा दे गए। पुलिस ने हरियाणा के परीक्षार्थी देवेन्द्र की जगह परीक्षा दे रहे भरतपुर के ग्राम सेवक नरेश प्रजापत को भी गिरफ्तार किया। नरेश प्रजापत के पास देवेन्द्र के अंगूठे का क्लोन भी बरामद किया।
&हम तो महनत से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। गिरोह ने लाखों परीक्षार्थियों की मेहनत पर पानी फेर दिया। यह तो कुछ सेंटर पकड़ में आ गए। अभी पुलिस को पता नहीं इन सेंटरों पर कीतने परीक्षार्थी नकल कर चुके। पूरी परीक्षा ही रद्द होनी चाहिए।
&पुलिस में कांस्टेबल भर्ती के लिए तैयारी कर रहे हैं। अब पुलिस की परीक्षा में नकल के मामले पकड़े जाने पर डर लग रहा है कि मेहनत से तैयारी करने वालों का क्या होगा? इस परीक्षा को रद्द कर फिर से नए स्तर और सुरक्षा के साथ परीक्षा करवानी चाहिए।
तीन परीक्षा सेंटर पर दी
दूसरों की जगह परीक्षा...
एसओजी ने बताया कि गिरफ्तार ग्राम सेवक नरेश प्रजापत डाल्फिन स्कूल में नकली अंगूठे के साथ पकड़ा गया। लेकिन पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2017 में वह कूकस स्थित आर्य और जेईसी कॉलेज और वैशाली नगर स्थित किंडर परीक्षा केन्द्र पर दूसरे अभ्यथियों के अंगूठे का क्लोन ले जाकर परीक्षा दे आया था। उसने बताया कि परीक्षा केन्द्र पर उसने खुद के अंगूठे की निशानी दी।
एसओजी की जांच के बाद होगा परीक्षा को रद्द करने पर फैसला
पत्रिका : नकल का मामला एक के बाद एक अन्य सेंटर तक पहुंच रहा है?
डीजीपी : हैङ्क्षकग बहुत बड़ा मामला है, लेकिन यह तीन सेंटर पर आया है।
पत्रिका : कूकस के दो कॉलेज और एक वैशाली नगर सेंटर पर फर्जी परीक्षार्थियों के परीक्षा देने का मामला भी आया है
डीजीपी : फर्जी परीक्षार्थी परीक्षा दे गया, लेकिन आज नहीं वह अंगूठा निशानी से बाद में पकड़ा जाता। इसलिए फर्जी परीक्षार्थी से बड़ा मामला हैंकिग का है
पत्रिका : इतने मामले नकल के पकड़े जा चुके हैं। क्या, परीक्षा रद्द की जाएगी?
डीजीपी : निष्पक्ष, पारदर्शिता से परीक्षा होगी, प्रकरणों की एसओजी जांच बारीकी से कर रही है। बड़े़ स्तर पर नकल का मामला सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। या फिर जिन सेंटरों पर नकल के मामले सामने आए हैं, वहां फिर से परीक्षा करवाई जा सकती है, लेकिन एसओजी की जांच रिपोर्ट के बाद ही निर्णय होगा
पत्रिका : परीक्षा की जिम्मेदारी किसकी है और आगे परीक्षा में नकल नहीं होगी?
डीजीपी : परीक्षा करवाने की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को सौंपी गई है, लेकिन परीक्षा पुलिस की है, इसलिए पुलिस खुद भी शुरू से इसकी निगरानी रखे हुए है, पुलिस सख्ती से केन्द्रों पर नजर रखे हुए हैं, परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ ही होगी।
पत्रिका : अब पारदर्शिता के लिए क्या किया गया है?
डीजीपी : सभी जिला एसपी को अपने-अपने परीक्षा केन्द्रों पर निगरानी रखने और नकल गिरोह की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं
Published on:
17 Mar 2018 08:53 am
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