12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कार्यवाही : भाजपा सांसद और सपा के पूर्व मंत्री के कालेज सहित 150 कालेज हुए ब्लैकलिस्टेड

अवध यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध 150 कालेजों पर हुई कार्यवाही ज्यादातर कालेज गोंडा में

2 min read
Google source verification
150 College Black List affiliated to Awadh University Faizabad

Awadh University

फैजाबाद . जनपद के डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति ने परीक्षा के दौरान पूरी पारदर्शिता और स्पष्टता बनाए रखने के लिए उन महाविद्यालय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का मन बनाया है जिन महाविद्यालय के शिक्षकों ने ऑनलाइन सत्यापन नहीं कराया है. 7 जिलों के लगभग 150 डिग्री कॉलेज ऐसे हैं जिन्होंने पढ़ाने वाले अध्यापकों का ऑनलाइन सत्यापन नहीं कराया है और ना ही आधार कार्ड लिंक किया है. इन महाविद्यालयों को कुलपति ने परीक्षा केंद्र बनाने से मना कर दिया है साथ ही 2018-19 के सत्र में छात्रों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है. सत्यापन न कराने वालों में पूर्व मंत्री पंडित सिंह व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के महाविद्यालय भी शामिल है.विश्वविद्यालय के इस सख्त रवैये से उम्मीद जगी है कि शायद फैजाबाद के आस पास के जनपदों में शिक्षा माफियाओं पर लगाम लगेगी .

अवध यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध 150 कालेजों पर हुई कार्यवाही ज्यादातर कालेज गोंडा में

अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध फैजाबाद सुल्तानपुर अंबेडकरनगर अमेठी गोंडा बहराइच बाराबंकी और लखनऊ के मेडिकल कॉलेज पर कुलपति ने कड़ी कार्यवाही करने का मन बना लिया है. इन जिलों के लगभग 150 महाविद्यालय ऐसे हैं जिनमें पढ़ाने वाले अध्यापकों ने अपना ऑनलाइन सत्यापन नहीं कराया है.अवध विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर इन अध्यापकों का आधार लिंक नहीं हुआ है. कुलपति ने इन महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने पर रोक लगा दी है साथ ही 2018-19 में यह महाविद्यालय छात्रों का एडमिशन भी नहीं ले पाएंगे.इसमें पूर्व मंत्री पंडित सिंह और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के महाविद्यालय शामिल है। इन दोनों नेताओं के ज्यादातर महाविद्यालय गोंडा जिले में है.इन सभी महाविद्यालयों को ऑनलाइन सत्यापन कराने के लिए 1 महीने का मौका दिया गया है .दरअसल अवध विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने विश्वविद्यालय से संबद्ध स्ववित्तपोषित महाविद्यालय में तैनात शिक्षकों का ब्यौरा ऑनलाइन करने का आदेश दिया था. विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी महाविद्यालयों को आदेश पारित कर अध्यापकों का ऑनलाइन ब्यौरा आधार कार्ड फीड कराने का आदेश दिया था लेकिन 632 महाविद्यालय में से 150 से अधिक महाविद्यालय से हैं जिन्होंने वेबसाइट पर ब्योरा दर्ज नहीं कराया है . दरअसल महाविद्यालय में पढ़ा रहे शिक्षक एक से अधिक महाविद्यालय में पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं जिससे ऑनलाइन ब्यौरा देने में इनकी पोल खुल जाएगी और यह एक से अधिक महाविद्यालय में पढ़ाने से वंचित हो जाएंगे, यह शिक्षक एक से अधिक महाविद्यालय से वेतन ले रहे हैं जिन पर कुलपति की निगाहें टेढ़ी हो गई है