
भगवान राम की कुलदेवी की प्रतिमाएं चुराने वाले चोरों को मिली सज़ा
फैजाबाद : 21/22 सितम्बर वर्ष 2012 की रात बड़ी देवकाली मंदिर से अष्टधातु की पाषाण प्रतिमा चोरी होने के प्रकरण में करीब 6 साल चली सुनवाई के बाद इस मामले में पंचम अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश भूदेव गौतम ने इस बहुचर्चित मामले में चार आरोपितों सुभाष यादव, कर्मजीत मौर्य, विजय नारायन पाण्डेय डब्लू व जयकरन शर्मा को तीन-तीन वर्ष की सजा सुनायी है . साथ ही प्रत्येक आरोपित पर 10 हजार रुपए जुर्माना किया गया. इसके अलावा दो आरोपितों प्रमोद सिंह व फिरोज को सन्देह का लाभ देकर बरी कर दिया गया . बताते चलें कि नगर कोतवाली क्षेत्र में छह साल पूर्व बड़ी देवकाली मंदिर से अष्टधातु के करोड़ों रुपए की बेशकीमती मां काली, सरस्वती व दुर्गा की मूर्ति की चोरी हो गयी थी . इस घटना को लेकर फैजाबाद में काफी बवाल हुआ था , भगवान श्री राम की कुलदेवी के रूप में पूजित माँ बड़ी देवकाली की प्रतिमाएं चोरी होने के बाद नगर के लोगों ने हंगामा भी किया था
साल 2012 में फैजाबाद के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बड़ी देवकली मंदिर से चोरी हुई थी देवी माँ की अमूल्य प्रतिमाएं
इस सनसनीखेज़ घटना के बाद सवालों के घेरे में आई फैजाबाद पुलिस ने मंदिर के पुजारी गिरजा शंकर पाठक की तहरीर पर 22 सितम्बर को नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की थी .इस बीच तत्कालीन नगर कोतवाल भुल्लन यादव की टीम ने मुखबिर की सूचना पर बेनीगंज चौराहे पर लखनऊ से गोरखपुर होकर नेपाल जा रहे एक वाहन से चोरी की मूर्ति बरामद की . इस दौरान भगवान महावीर की मूर्ति भी मिली. बरामद की गई चोरी की इन मूर्तियों को नेपाल से अन्तरराष्ट्रीय तस्करों को बेचा जाना था. बरामद प्रतिमाओं में मां काली, दुर्गा व सरस्वती जी की मूर्तियाँ शामिल थीं . यह घटना नगर कोतवाली अन्तर्गत देवकाली क्षेत्र स्थित मंदिर की वर्ष 2012 की है .इस मामले में पकड़े गए कर्मजीत मौर्य निवासी अम्बेडकर नगर, सुभाष यादव जौनपुर, विजय नारायन पाण्डेय आजमगढ़, जय पूजन शर्मा सुलतानपुर, प्रमोद सिंह व फिरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया. इसके पहले चोरों ने बताया बरामद चोरी की मूर्ति कानपुर नगर से गोरखपुर ले जायी जा रही थी. मामले की विवेचना विजय बहादुर द्विवेदी ने करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया .
Published on:
02 Jul 2018 12:15 pm
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