
फैजाबाद . एक तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में जब आक्सीजन की कमी से मासूम बच्चों की मौत का सनसनीखेज़ मामला सामने आया तब पूरे प्रदेश में हडकंप मच गया और सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं को चाक चौबंद करने की मुहीम ने सरकार ने चलाई लेकिन इस मुहीम का असर बेअसर होता नज़र आ रहा है सूबे के तमाम सरकारी अस्पतालों में अब भी स्वास्थय सेवाओं का बुरा हाल है . ताज़ा मामले में नाम जुड़ा है फैजाबाद जिला अस्पताल का जहां तो लापरवाही की हद हो गई है आए दिन जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से मरीजों की मौत हो रही है और मौत के बाद हंगामा भी होता है इसके बावजूद जिला अस्पताल प्रबंधन डॉक्टरों और कर्मचारियों पर नकेल कसने में विफल साबित हो रहा है. बुधवार की सुबह पैर में चोट लगने के बाद एक महिला जिला अस्पताल में भर्ती हुई और लापरवाही का आलम ये कि ग्लूकोज की बोतल बदलने के लिए भी स्टाफ नर्स के पास समय नहीं मिला . नतीजा यह हुआ कि इलाज के अभाव में महिला बीना जायसवाल की मौत हो गई. महिला बीना जायसवाल थाना इनायतनगर क्षेत्र के मजनाई गांव की रहने वाली थी बुधवार की सुबह घर में काम करते समय अचानक उसके पैर में चोट लग गई और खून का रिसाव काफी हुआ . स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार देने के बाद परिजनों ने आज सुबह 9 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था. लेकिन फैजाबाद जिला अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही का आलम ये कि गंभीर मरीज को भी इमरजेंसी वार्ड में ना रखकर जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया. यहां पर डॉक्टरों और स्टाफ नर्स की लापरवाही के कारण महिला की जान चली गई. महिला की मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा काटा मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर परिजनों को शांत किया . वहीँ मृतक महिला के परिजन ने डॉक्टर व नर्स खिलाफ पुलिस से शिकायत की है. जाहिर तौर पर इस तरह की घटनाएं साफ़ तौर पर ये बताती हैं कि तमाम बाड़ी घटनाओं के सामने आने के बाद भी प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है और सरकारी अस्पतालों में तैनात डाक्टर और कर्मचारी मरीजों के इलाज में लापरवाही के मामले सामने आते रहते हैं जिसकी कीमत मरीजों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है .
Published on:
31 Aug 2017 10:43 am
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