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रामघाट पर सरयू नदी के किनारे बनेगा शमशान घाट

राम नगरी अयोध्या में योगी सरकार ने सरयू नदी के किनारे शमशान घाट बनाने की योजना को दी मंजूरी

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अयोध्या

राम घाट पर सरयू नदी के किनारे बनेगा शमशान घाट

अयोध्या : मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या के सरयू घाट के किनारे स्थाई शमशान घाट बनाए जाने को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री के द्वारा मंजूरी मिल गई. इस योजना के अनुसार सरयू नदी के किनारे राम घाट पर शमशान घाट बनाया जाएगा जिसको लेकर पर्यटन अधिकारियो द्वारा निरिक्षण भी किया गया.

रामघाट पर बनेगा स्थाई शमशान घाट

राम की नगरी अयोध्या में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रो से अपने परिजनों को मोक्ष दिलाने के लिए उनका अंतिम संस्कार के लिए सरयू घाट पर आते हैं लेकिन अभी तक सरयू घाट पर अभी तक कोई स्थाई शमशान घाट नहीं बन पाया था दूर दराज से लोग अयोध्या के सरयू किनारे अपने परिजन के मृत शरीर को लाकर दह संस्कार करते हैं. जिसको लेकर नगर निगम अयोध्या के पहल द्वारा अयोध्या में स्थाई शमशान घाट के निर्माण के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने मोहर लगा दिया. यह शमशान घाट का निर्माण फटिकशिला मंदिर के पीछे बनाया जायेगा. इस योजना को शुरू करने के लिये प्रदेश के पर्यटन अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने घाट का निरिक्षण किया जिसमे फटिकशिला के पीछे रेलवे पुल के नीचे से पुल के दोनों तरफ 50 50 मीटर पर घाट का निर्माण कराये जाने पर स्वीकृति दी.

100 मीटर का होगा शमशान घाट

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बृजपाल सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि रेलवे पुल के 50 मीटर पूरब व 50 मीटर पश्चिम घाट का सौन्दर्यीकरण करके श्मशान स्थल का स्वरुप प्रदान किया जाएगा। बताया गया कि अपर मुख्य सचिव ने बैकुंठ धाम को लेकर क्षेत्रीय लोगों से पूछताछ की तो लोगों ने कहा कि राजस्व अभिलेखों में वह स्थान बस्ती जनपद के अन्तर्गत आता है। लोगों ने कहा कि दूरदराज से परिजनों को शव अयोध्या लाने का उद्देश्य उन्हें मोक्ष दिलाना है जो रामघाट में ही संभव है.नगर निगम महापौर ने बताया कि अयोध्या मोक्ष की नगरी माना जाता हैं इसलिए अयोध्या के आसपास के दर्जनों जिले हैं जहाँ से लोग अपने परिवार के सदस्यों के मृत शरीर को सरयू घाट पर दह करने के लिए अयोध्या आते हैं लेकिन अभी तक स्थाई शमशान घाट नहीं था. जिसके लिए सरकार को भेजे गए पत्र पर स्वकृति मिल गई हैं. जल्द ही इस घाट का स्थाई निर्माण होगा.