28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वीर सावरकर की 135वीं जयन्ती पर हिन्दू महासभा ने की ये बड़ी मांग

फैजाबाद शहर में वीर विनायक दामोदर सावरकर की 135वीं जयन्ती धूमधाम से मनायी गयी

2 min read
Google source verification
Hindu Mahasabha Celebrated Veer Sawarkar 135 Birth Anniversary

Hindu Mahasabha Faizabad

फैजाबाद : सोमवार को फैजाबाद शहर में वीर विनायक दामोदर सावरकर की 135वीं जयन्ती धूमधाम से मनायी गयी , सोमवार की सुबह सबसे पहले शहर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित पुष्पराज चौराहे पर स्थापित सावरकर प्रतिमा की साफ-सफाई के कार्यक्रम आयोजित किया गया . कार्यक्रम का आयोजन हिन्दू महासभा की फैजाबाद जिला इकाई द्वारा किया गया . पूर्व निर्धारित इस कार्यक्रम के तहत सर्व प्रथम सावरकार की प्रतिमा की साफ सफाई और उन्हें स्नान कराया गया जिसके बाद हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताओं के साथ वीर विनायक दामोदर सावरकर की प्रतिमा पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता, अधिवक्ता मनीष पाण्डेय ने माल्यार्पण किया . वीर विनायक दामोदर सावरकर की 135वीं जयन्ती के मौके पर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता, अधिवक्ता मनीष पाण्डेय ने कहा कि हिन्दू राष्ट्र के प्रबल समर्थक अंग्रेजों की गुलामी से भारत को मुक्त कराने के लिए सावरकर के कष्ट, विपरीत परिस्थितियांे में भी हिम्मत न हारने की प्रवृत्ति तथा चहुमुखी विकास के प्रति उनका अद्भुत सोच व समर्पण आज नौजवानों के लिए प्रेरणा के स्रोत बन सकते हैं. श्री पाण्डेय ने आगे कहा कि दुर्भाग्यवश आजादी के बाद किसी भी सरकार ने सावरकर के कृत्यों, विचारों को उचित सम्मान नहीं दिया. वास्तविक रूप से राष्ट्रपिता कहलाने के योग्य सावरकर को भारत रत्न व भारतीय मुद्रा पर उनके चित्र अभी तक अंकित न किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व शर्मानाक है. वैद्य डाॅ0 आर0पी0 पाण्डेय ने कहा कि सावरकर ऐसे प्रकाश पुन्ज है जो भटके हुये को राह दिखलाते हैं. बब्लू मिश्र ने कहा कि सावरकर की लेखनी लोगों को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने में सक्षम है. हिन्दू महासभा की फैजाबाद इकाई के महासचिव अजय सिन्हा ने कहा कि प्रचण्ड वीर महान लेखक सावरकर के विचारों को जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है . कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पंण्डित रविन्द्र तिवारी, हीरामणि पाण्डेय, ओम प्रकाश भोजवाल, परी सिन्हा, विनोद पाण्डेय, चन्द्रहास दीक्षित आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे .