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सीएम योगी के मंच पर अनजाने में हुआ भगवान राम का अपमान सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर

हिंदू परंपरा में वैसे भी दामाद को पूज्य स्थान प्राप्त है ऐसे में जनकपुरवासियों द्वारा कनक बिहारी सरकार का अपमान अयोध्यावासियों को तकलीफ दे गया

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image of insulting bhgwan Ram is getting viral in social media

Bhagwan Ram Ka Apman

अनूप कुमार

फैजाबाद ( अयोध्या ) शनिवार को धार्मिक नगरी अयोध्या के सरयू तट के किनारे बने राम कथा पार्क में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया ,मौका था जनकपुर से सीतामढ़ी के रास्ते अयोध्या आने वाली विशेष बस सेवा का पहली बार धार्मिक नगरी में आगमन . इस विशेष बस सेवा में पहली बार यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत करने स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे थे . इसके अलावा प्रदेश सरकार मंत्रिमंडल के कई अन्य मंत्री भी इस कार्यक्रम में शामिल रहे . शनिवार की सुबह 9:00 बजे या विशेष बस सेवा धार्मिक नगरी अयोध्या पहुंची ,जहां पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर इस बस में सवार होकर अयोध्या पहुंचे नेपाल सरकार के मंत्री विशेष अधिकारियों और श्रद्धालुओं पर्यटकों का भव्य स्वागत किया . लेकिन इस कार्यक्रम के बाद इस कार्यक्रम से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है और इस वायरल तस्वीर को लेकर विपक्ष ने प्रदेश की योगी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है . यह तस्वीर है कार्यक्रम के उस मंच की जहां पर श्री राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत गोपालदास उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई गणमान्य नागरिक और अयोध्या के मंच पर मौजूद है वही सम्मान समारोह के दौरान नेपाल सरकार के मंत्री सरोज सिंह कुशवाहा को दिए गए भगवान कनक बिहारी सरकार का चित्रपट मेहमानों ने हाथ में लेने के बाद अपने पैरों के पास रख दिया . हालांकि यह पूरा घटनाक्रम एक अनजानी भूल वश हुआ था जिसे कुछ ही देर बाद इस भूल को सुधार दिया गया और भगवान कनक बिहारी सरकार की तस्वीर को ससम्मान हटा दिया गया .

हिंदू परंपरा में वैसे भी दामाद को पूज्य स्थान प्राप्त है ऐसे में कनक बिहारी सरकार का अपमान अयोध्या वासियों को तकलीफ दे गया .

जब तक भगवान कनक बिहारी सरकार का चित्रपट हटाया जाता उस से पूर्व ही मीडिया कर्मियों और तमाम लोगों के मोबाइल फोन के कैमरे ने इस तस्वीर को कैद कर लिया था और कार्यक्रम खत्म होने के कुछ ही देर बाद भगवान राम की नगरी में कनक बिहारी सरकार के अपमान को लेकर WhatsApp , Facebook और Twitter पर यह पोस्ट वायरल होने लगी . इतना ही नहीं अयोध्या से पूर्व सपा विधायक और सपा सरकार में वन राज्यमंत्री रहे तेज नारायण पांडे पवन ने भी अपने फेसबुक वॉल पर इस तस्वीर को चस्पा कर प्रदेश की योगी सरकार को घेरने की कोशिश की और अयोध्या में भगवान श्री कनक बिहारी सरकार के अपमान का आरोप लगाया . इसके अलावा भी भारतीय जनता पार्टी के विपक्षी तमाम दलों के नेताओं और उनके कार्यकर्ताओं ने इस तस्वीर को अपने अपने वॉल पर और WhatsApp ग्रुप पर पोस्ट कर भगवान कनक बिहारी सरकार के अपमान का आरोप सीएम योगी आदित्यनाथ और कार्यक्रम आयोजकों पर लगाया . हालांकि प्राथमिक तौर पर यह एक मानवीय चूक का नतीजा है जिसे बाद में सुधारने का काम किया गया .लेकिन निश्चित रूप से आए हुए अतिथियों को भगवान कनक बिहारी सरकार के सम्मान में इतनी बड़ी लापरवाही कतई नहीं बरतनी चाहिए थी . खासकर तब जब आए हुए मेहमान जनकपुर से संबंध रखते हैं और भगवान राम लला जनकपुर में दामाद के रूप में पूजे जाते हैं . हमारी हिंदू परंपरा में वैसे भी दामाद को पूज्य स्थान प्राप्त है ऐसे में कनक बिहारी सरकार का अपमान अयोध्या वासियों को तकलीफ दे गया .