
फैजाबाद . गोहत्या रोकने और अवैध बूचडखानो पर लागे प्रतिबन्ध के बाद प्रदेश में गो रक्षकों द्वारा गो रक्षा के नाम पर अंजाम दी गयी घटनाओं से सबक लेते हुए मुस्लिम समाज बेहद सतर्क है . आने वाले कुछ ही दिनों में मुस्लिम समाज के महत्वपूर्ण त्यौहार बकरीद मनाई जायेगी . मुस्लिम धर्म के अनुसार यह पर्व कुर्बानी का त्यौहार होता है जिसमे मुस्लिम धर्म के लोग जानवरों की कुर्बानी देते हैं लेकिन जिस तरह से जानवरों को लाने ले जाने के दौरान घटनाएँ सामने आई हैं उनसे सचेत मुस्लिम समुदाय के लोगों ने प्रदेश की योगी सरकार से एक दिलचस्प मांग कर डाली है . प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद अवैध बूचड़खानों पर लगे प्रतिबंध पर फैजाबाद जिले की जमीयत उलेमा की इकाई ने प्रशासन से मांग की है कि बकरीद पर मुसलमानों को कुर्बानी के लिए जानवरों की खरीददारी और घर तक पहुंचने के लिए पूरी आजादी और सुरक्षा दी जाए. शनिवार को फैजाबाद के एक होटल में पत्रकारों से बात करते हुए जमीयत उलेमा के जिलाध्यक्ष मोहम्मद अहमद कासमी ने प्रशासन से मिलकर यह कहा कि ईद उल अजहा बकरीद मुसलमानों का एक धार्मिक त्यौहार है जिसकी एक महत्वपूर्ण कड़ी कुर्बानी होती है. इस कुर्बानी पर पूर्व की भांति इस वर्ष भी जानवरों की खरीदारी से लेकर कुर्बानी तक मुसलमानों को आजादी दी जाए.इस मामले को लेकर मुस्लिम समाज के जमीयत उलेमा के सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष सिंह बघेल को एक पत्र भी दिया है जिसमे इस मुद्दे को लेकर समाज के लोगों ने अपनी समस्या और निदान का जिक्र किया है . बताते चलें कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद जिले के मुस्लिम समुदाय के लोग जानवरों की खरीददारी कर उनको घरों तक लाने के लिए डर महसूस कर रहें हैं कि कहीं कोई गोरक्षक कोई बवाल न खडा कर दें .
Published on:
26 Aug 2017 06:40 pm
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