
Prince Habibuddin Tusi
फैजाबाद . देश की सबसे बड़ी अदालत में चल रहे देश के सबसे बड़े मुकदमे के फैसले के इंतजार में देश की सवा करोड़ आबादी है .अयोध्या के विवादित परिसर में भगवान राम का मंदिर बनेगा या बाबरी मस्जिद इस विवाद के फैसले के लिए हिंदू और मुस्लिम पक्षकार सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा लड़ रहे हैं . बीते कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट में इस मुकदमे को लेकर बढ़ी सरगर्मी को देखते हुए अब कोर्ट से बाहर भी इस विवाद को हल करने की कोशिशें तेज हो गई हैं . कुछ माह पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने भी यह सुझाव दिया था कि अगर हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोग मिलकर इस मुकदमे का हल आपसी समझौते से कर ले तो अच्छी बात है . इसी सुझाव के आधार पर इस मुकदमे के हल के लिए हिंदू और मुस्लिम पक्षकार आपसी समझौते को लेकर बातचीत भी कर चुके हैं . अयोध्या में चल रही सुलह-समझौते की कोशिशों के बीच नई बातें सामने आ रही हैं . अभी तक शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड और राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के अलावा कई अन्य मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी इस विवाद के हल के लिए विवादित स्थल पर राम मंदिर निर्माण की वकालत की है . वही इसमें एक और नया नाम जुड़ गया है हैदराबाद के मुगल वंश के प्रिंस हबीबुद्दीन तुसी का,जिन्होंने अयोध्या आकर विवादित परिसर में राम मंदिर निर्माण की वकालत की है .
प्रिंस हबीबुद्दीन तुसी ने कहा बाबर ने लिखी थी वसीयत कि हमारी आने वाली नस्लें हिंदू मंदिरों और उनके धर्म की रक्षा करेंगी आज बदनाम हो रहा है बाबर का नाम
बताते चलें कि हैदराबाद के प्रिंस हबीबुद्दीन तुसी अभी कुछ दिन पहले ही अयोध्या आये थे और उन्होंने विवादित परिसर में विराजमान रामलला के परिसर को देखा था और बीते मंगलवार को अयोध्या से शुरू होने वाली रामराज्य रथ यात्रा के शुभारंभ के समय संतो के साथ मंच साझा करते नजर आए . कार्यक्रम के मंच से ही जय श्री राम का उद्घोष कर उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता की भावना पर बल देने की बात कही थी . वही कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए मुगल वंशज हैदराबाद के प्रिंस हबीबुद्दीन तुसी ने कहा कि मै खुद सुन्नी मुसलमान हूँ और मै चाहता हूँ कि बाबर पर लगे इल्जाम अब खत्म होने चाहिए और विवादित जगह पर राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए. हैदराबाद के प्रिंस ने कहा कि बाबर ने वसीयत लिखी थी कि हमारी आने वाली नस्लें हिंदू मंदिरों की रक्षा करेगी उनके धर्म की रक्षा करेंगी इसलिए मंदिर तोड़ने का इल्जाम बाबर के सिर से खत्म होना चाहिए और उस जगह पर राम मंदिर निर्माण होना चाहिए. मस्जिद का निर्माण अयोध्या के बाहर अमन मस्जिद के नाम से होना चाहिए, प्रिंस तूसी ने मुसलमानों से अपील किया कि विवादित परिसर की जमीन नापाक हो चुकी है इसलिए मस्जिद कहीं और बनानी चाहिये, मुस्लिम धर्म नापाक जगह पर मस्जिद निर्माण की इजाजत नही देता है . बाते चलें कि हैदराबाद के प्रिंस हबीबुद्दीन तुसी ने अयोध्या पहुंचकर संतों-महंतों से मुलाकात भी की और जल्द ही इस मामले का निपटारा कराने की बात पर बल दिया .
Published on:
14 Feb 2018 03:10 pm
बड़ी खबरें
View Allफैजाबाद
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
