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मिशन 2019 : राम मंदिर मुद्दे पर पीएम मोदी की रांहें मुश्किल करने जा रहे हैं तोगड़िया

आगामी 21 अक्टूबर को तोगड़िया ने राम मंदिर बनाने के लिए अयोध्या कूच का ऐलान कर भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है

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Prwaeen Togadia interrupts Narendra Modi 2019 Lok Sabha Elecation path

pravin togadiya

अनूप कुमार

अयोध्या : देश के सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के नेता 5 साल का कार्यकाल लगभग पूरा होने के बाद अब अगली पारी खेलने के लिए मिशन 2019 को फतह करने में जुट गए हैं,देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलायी गयी तमाम योजनाओं का गुणगान करने के साथ सबका साथ सबका विकास का नारा इस चुनाव में भी प्रमुखता से दोहराया जाना है , लेकिन भाजपा के लिए एक ऐसा मुद्दा भी है जिसने कभी उन्हें सत्ता के शिखर पर पहुँचाया तो आज गले की हड्डी बन गया है | वो मुद्दा है अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का ,भाजपा के नेता हर मंच पर मंदिर निर्माण की वकालत तो करते हैं लेकिन निर्माण होगा कैसे इस सवाल पर गेंद सुप्रीम कोर्ट के पाले में डाल देते हैं | ऐसे में भाजपा का वो वोट बैंक नाराज़ सा होता नज़र आता है जिसने सिर्फ इसलिए केंद्र और प्रदेश की सत्ता में भाजपा को काबिज किया था कि जब केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होगी तो संसद में कानून बनाकर भाजपा के नेता राम मंदिर निर्माण के प्रयास में कदम बढ़ाएंगे लेकिन पांच साल की सरकार बीत गयी और भगवन राम और उनका मंदिर आज भी कोर्ट के फैसले का इंतज़ार कर रहे,ऐसे में साल 2019 में न सिर्फ भाजपा के नेताओं के लिए राम मंदिर की बात करना खुद को कटघरे में खड़े करने जैसा होगा ,वहीँ इस मुद्दे को लेकर कभी भाजपा के लिए सड़क पर उतर कर आन्दोलन करने वाले तमाम वो संगठन और नेता भी मुसीबत की वजह बन सकते हैं जो लगातार राम मंदिर निर्माण की मांग करते चले आये हैं | ऐसा ही एक नाम विहिप के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया का है जो इन दिनों देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बेहद नाराज़ चल रहे हैं और आगामी 21 अक्टूबर को एक बड़े आन्दोलन की घोषणा कर भाजपा की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं |

अयोध्या के संतों से मिले तोगड़िया और कहा महाराज जी अब और इंतज़ार नहीं करना है अब मंदिर बनाना है

अपने नए संगठन अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के प्रमुख प्रवीण भाई तोगड़िया बुधवार को धार्मिक नगरी अयोध्या में थे | अपने लगभग आधे दिन के प्रवास के दौरान तोगड़िया ने प्रमुख संत-महंतों से न सिर्फ मुलाक़ात की बल्कि उन्हें अपने साथ आंदोलन व अन्य कार्यक्रमों में साथ लाने की हर संभव कोशिश से करते दिखे। उन्होंने संतों से बातचीत के दौरान कहा ,महाराज जी अब बहुत हुआ राम मंदिर तो बनाना ही पड़ेगा।हमारे जगत पिता टाट में बैठे हैं। एक बार गांधी को हमने महात्मा माना तो उन्होंने हमें ठग लिया और अब दूसरे लोगो पर भरोसा किया तो उन्होंने उसकी पुनरावृत्ति कर दी। उन्होंने मणिराम दास जी की छावनी में उत्तराधिकारी महत्व कमल नयन दास ,खंडेश्वरी मंदिर में महंत राम प्रकाश दास,करपात्री जी,दिलीप दास, राम दास,नीरज शास्त्री से मुलाकात कर बंधा तिराहा पहुच अंगद दास और फिर हनुमान गढ़ी दर्शन ,महंत सुरेश दास, डॉ रामानंद दास, सदगुरु सदन,सुग्रीव किला सहित प्रसिद्ध कथा वाचक डॉ राघवाचार्य से मुलाकात की।

वीएचपी के रडार पर दिन भर रहे तोगड़िया विहिप नेता लेते रहे पल पल की खबर

कुछ महीने पहले तोगड़िया के आने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत करने वाले विहिप के नेता तोगड़िया के इस बार अयोध्या फैजाबाद के दौरे पर बेहद सकते में नज़र आये ,न ही वो गर्मजोशी दिखी और न ही उनसे मिलने की ललक ,वजह भी जयजय है कि तोगड़िया अब विहिप की जगह उसके प्रतिद्वंदी एक दूसरे संगठन के मुखिया हैं और यही वजह है कि फैजाबाद जिले की सीमा में घुसते ही तोगड़िया विहिप नेताओं के राडार पर आ गए और उनकी हर गतिविधि पर विहिप नेता नज़र बनाए हुए थे | तोगड़िया ने अपने फैजाबाद दौरे के दौरान विहिप का कुछ भला तो नहीं किया उलटे विहिप के 37 सक्रिय कार्यकर्ताओं को विहिप से तोड़कर अपने संगठन अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद में जोड़ लिया | आगामी 21 अक्टूबर को तोगड़िया ने अयोध्या कूच का ऐलान कर भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है | क्यूँ की इस कार्यक्रम के तहत तोगड़िया अपने समर्थकों के साथ अयोध्या आने की कोशिश करेंगे और जब उन्हें रोका जाएगा तो विरोध को लेकर हंगामा होने के आसार हैं ऐसे में तोगड़िया का ये ऐलान भाजपा के लिए मुश्किलें खडा कर सकता है |