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संतों ने किया सवाल जब आतंकी के लिए रात में खुल सकता है कोर्ट तो राम मंदिर के लिए देरी क्यूँ

अयोध्या के कारसेवकपुरम परिसर में युवा संत चिंतन बैठक में मौजूद संतों ने राम मंदिर निर्माण को लेकर की चर्चा

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Yuva Sant chintan Baithak Held in Karsewak puram Ayodhya

Ayodhya Sadhu Sant

अयोध्या : माननीय न्यायालय का द्वार एक आतंकवादी को निर्णय देने के लिए रात्रि और दिन मे खुला रह सकता है,तो देश के 90 करोड़ हिन्दुओ के आराध्य के भव्य मंदिर निर्माण का शीघ्र फैसला क्यो नही देती है,हिन्दुओ की धार्मिक आस्था की परिक्षा कब तकऔर क्यो यह विचार कारसेवक पुरम् मे रविवार को आयोजित युवा संत चिंतन बैठक की अध्यक्षता करते हुये जगद्गुरू रामानुजाचार्य राघवाचार्य ने व्यक्त किया. उन्होने कहा महापुरूषो द्वारा श्रीराम जन्मभूमि हेतु किया गया बलिदान विस्मृत नही किया जा सकता है. जिन अधिकारो की लड़ाई सैकड़ो वर्षो से चली आर रही है उसका समाधान अब होना ही चाहिए.उन्होने कहा हमारे पर्वजो द्वार लिये गये संकल्पो की सिद्धी के लिए अब नयी युवा पीढी को आगे आना होगा. यह अल्पसमय के लिए आयोजित बैठक नयीयुवा पीढी को जोड़ने का माध्यम बनेगी. महामंडलेश्वर प्रेमशंकर दास ने कहा भगवान श्रीराम सामाजिक और धार्मिक जीवन के प्रवाह ही नही संतधर्माचार्यो के स्वामी हैं.हम सभी संकल्प बद्ध होकर सेवक की भांति अपने उत्तरदायित्व का निर्वाहन करें. आज अयोध्या मे भव्य मंदिर निर्माण का स्वप्न और संकल्प की पूर्ति करने के लिए एकजुटता आवश्यक है. तमाम तरह के कालनेमी इस महाआंदोलन को अपनी कुटिल प्रयासो से दिशा विहीन करने मे सक्रिय रहे परन्तु संत धर्माचार्यो की एक जुटता के आगे वह पराजित हुये.आज युवा पीढी की भूमिका विशेषकर संतो की जो शिष्यो और भक्तो मे प्रवास करते है, अहम हो जाती है।इस प्रकार संतो का समय-समय पर एकत्रीकरण आवश्यक है .

अयोध्या के कारसेवकपुरम परिसर में युवा संत चिंतन बैठक में मौजूद संतों ने राम मंदिर निर्माण को लेकर की चर्चा

लक्षमणभवन के महंत स्वामी कृष्णाचार्य ने कहा संतधर्माचार्य समाज, संस्कृतिऔर परम्पराओ के रक्षण संवर्धन हेतु ही इस लोक मे आये है . हमारा राष्ट्र और समाज के प्रति कर्तव्य है कि हम सदेव विचरण करते हुये समाज को धार्मिक जीवन मूल्यो की रक्षा हेतु प्रेरित करते है. युवा संतो का मार्ग दर्शन लगातार वरिष्ठ संतो के द्वारा हितकर होगा. ताकि भविष्य और भी उज्जवल होने के साथ अपने लक्ष्य की पूर्ति मे सफल हो सके .
चौरासी कोसी परिक्रमा के प्रभारी विहिप नेता सुरेन्द्र सिंह ने कहा संत और संगठन का समन्वय ही हमारे संगठन हो विश्व व्यापक बना रहा है.अयोध्या ही नही देश के हर प्रान्तो मे संतधर्माचार्य हमे मार्गदर्शक है इसी लिये विहिप ने केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल सदस्य और प्रान्तीय मार्गदर्शक मंडल की रचना की है.उन्हों ने कहा श्रीराम जन्म भूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को शीघ्र साकार रूप मिलने वाला है.परन्तु इससे पूर्व हमे भी तैयार रहना होगा विषेशकर युवासंत और कथाकार को जो आज समाज का मार्गदर्शन कर रहे है. इस दौरान क्षेत्रधर्माचार्य संपर्क प्रमुख राधेश्याम मिश्र,महंत बाघीश शरण,महंत मुनेश्वर दास, आचार्य आनन्द शास्त्री,केशवदास,संत स्मृतिशरण आदि उपस्थित रहे .