3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रिश्ते तार-तारः भाई-बहन में प्रेम, सेक्स, आत्महत्या

शिकोहाबाद नगर के स्टेशन पर स्थित माधौगंज के नगला हिन्डल के पास एक प्रेमी युगल ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।

2 min read
Google source verification

image

Bhanu Pratap Singh

Jun 16, 2016

 suicide

suicide

फिरोजाबाद। शिकोहाबाद नगर के स्टेशन पर स्थित माधौगंज के नगला हिन्डल के पास एक प्रेमी युगल ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। दोनों रिश्ते में भाई -बहन लगते थे। प्रेमी युगल के आत्महत्या की सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए ही दोनों प्रेमी युगल का अंतिम संस्कार कर दिया।

पति की मौत के बाद हुए संबंध
ब्रह्मचारी शंखवार (41) पुत्र ज्वाला प्रसाद निवासी नगला बुधसेन का अपनी मामा की पुत्री अनीता शंखवार (40) पत्नी रूकमपाल से प्रेम संबंध हो गए। अनीता की नगला बुद्धसेन में ही शादी हुई थी। सन् 2015 में अनीता के पति की बीमारी के चलते मौत हो गई। पति की मौत के बाद से ही ब्रह्मचारी व अनीता के प्रेम संबंध गहरे हो गए। दोनों का प्रेम धीरे- धीरे परवान चढ़ने लगा।

परिजन कर रहे थे विरोध
दोनों प्रेमियों के सम्बधों की जानकारी जब दोनों के परिवारों को हुई तो उन्होंने विरोध जताना शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में प्रेमसंबध के चलते आए दिन घरों में क्लेश होने लगा। बुधवार की रात दोनों प्रेमी युगल नगला हिडंल के पास जाकर ट्रेन के आगे कूद गए। प्रेमी युगल की मौके पर ही मौत हो गई। ब्रह्मचारी की पत्नी का आरोप है कि अनीता के परिजन ब्रह्मचारी को जबरन मारपीट करते हुए अपने साथ ले गए थे। सुबह उनका शव रेलवे लाइन पर पड़ा मिला। परिजन दोनों के शवों को उठाकर घर ले गए। परिजनों ने आनन- फानन में पुलिस को बिना सूचना दिये दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।

प्रेमी युगल ने 12 बच्चों को छोड़ा
प्रेमी युगल अपने पीछे छह-छह बच्चों को रोता बिलखता छोड़ गए। अनीता शंखवार के निशा, खुशबू, दुर्गेश, बिट्टू, सन्नी, मनी है। निशा व खुशबू की शादी हो गई है। ब्रह्मचारी शंखवार के आशीष, अश्वनी, अंशुल, अभिषेक, नीशू, चमन है। दोनों के आत्महत्या से परिवारीजनों का रो -रोकर बुरा हाल हो गया है।

तीन-चार साल से चल रहे प्रेम सम्बन्ध
आत्महत्या करने वाले प्रेमी युगल का पिछले तीन- चार साल से लगातार प्रेम संबंध चले आ रहे थे। इसी दौरान अनीता शंखवार के पति की बीमारी के चलते मौत हो गई। पति के मौत के बाद दोनों ने सारी मर्यादा को ताक पर रखकर मिलने जुलने लगे।

बेटा तुम मुझे किसके सहारे छोड़कर चले गए
बेटा तुम मुझे किसके सहारे छोडकर चले गये। अब मैं कैसे जियूं। हमारी तो दुनिया ही वीरान हो गईं। ब्रह्मचारी की माता ब्रहमादेवी शंखवार रो -रोकर यह कह रही थीं। ब्रह्मचारी शंखवार की पत्नी पुष्पा देवी व उसके बच्चे दहाड़ें मार -मार कर रो रही थी।

प्रेमी-प्रेमिका की बनी एक चिता
प्रेमी-प्रेमिका ब्रह्मचारी शंखवार व अनीता शखंवार ने साथ जीने-मरने की कसमें खाईं थीं। गांव वालों ने दोनों को मिलने नहीं दिया। लेकिन उनकी मौत के बाद गांव वालों तथा दोनों मृतकों के परिवारीजनों की आपसी सहमति के उपरांत प्रेमी युगल की एक ही चिता बनाकर उन्हें मुखाग्नि दी।

ये भी पढ़ें

image
Story Loader