13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कलम में स्याही का दर्द

लिखूं कुछ आजये वक्त का तकाजा है।

less than 1 minute read
Google source verification

image

Rajeev sharma

Apr 20, 2015

लिखूं कुछ आज
ये वक्त का तकाजा है।

मेरे दिल का दर्द
अभी ताजा-ताजा है।

गिर पड़ते हैं मेरे आंसू
मेरे ही कागज पर।

लगता है कि कलम में
स्याही का दर्द ज्यादा है।

पढ़ना न भूलेंः

- शेरो-शायरी और मजेदार चुटकुले

- दूसरे की बीवी रोए तो दिल में दर्द