नगर के सकल तारण तरण जैन समाज द्वारा सदी के महान संत शिरोमणि आचार्य प्रवर तारण तरण महाराज की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
सकल तारण तरण जैन समाज ने मनाई तारण जयंती
गाडरवारा। नगर के सकल तारण तरण जैन समाज द्वारा सदी के महान संत शिरोमणि आचार्य प्रवर तारण तरण महाराज की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सुबह संत तारण तरण जैन चैत्यालय में मन्दिर विधि का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मन्दिर में पालना डालकर उसमें संत शिरोमणि द्वारा रचित श्रावकाचार ग्रन्थ को विराजा गया और सभी ने पालना झुलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मन्दिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया और गुब्बारों में गुलाल भरकर लटकाया गया। जिन्हें मन्दिर विधि के बीच में फ ोड़कर गुलाल उड़ाई गई। गुलाल उड़ाते समय उपस्थित लोगों ने भीनी भीनी उड़ी रे गुलाल, तारन तोरे अंगना में,, भजन का गायन किया
तत्पश्चात दोपहर में चांदी की पालकी में आचार्य प्रवर संत तारण तरण मण्डलाचार्य महाराज द्वारा रचित ग्रन्थ को विराजकर एक भव्य शोभायात्रा तारण तरण जैन चैत्यालय से निकाली गई। जो कि झंडाचौक, बड़ा सराफा, पुरानी गल्लामंडी, सब्जी मंडी से होते हुए वापस तारण तरण जैन चैत्यालय पहुंची। पालकी निकलते समय सभी जैन बंधुओं ने अपने अपने घर के सामने पालकी में विराजे ग्रन्थ की आरती उतारी। इस अवसर पर रात्रि में मन्दिर में सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। इस पूरे आयोजन में सकल तारण तरण समाज के , चैत्यालय के प्रबंधक सुरेंद्र कुमार जैन, स्वतंत्र जैन, अध्यक्ष अशोक जैन, अभय कुमार, शास्त्री पदम कुमार, अरविंद जैन बाबा, अतुल, राकेश, अमि, आलोक, अज्जु जैन कक्का, लकी, आशीष जैन, बबलू मामा, पप्पू कक्का, सौरभ एवं मन जैन की सक्रिय भूमिका रही।