गोण्डा। 2017 का चुनाव जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है गांवों से लेकर शहरों तक खूनी संघर्ष शुरू हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां प्रधानी चुनाव के रंजिश को लेकर व जमीन जायदाद को लेकर आये दिन खूनी संघर्ष हो रहा है। जमीन जायदाद के आगे लोग अब अपना और पराया भी भूल चुके हैं। थोड़ी-थोड़ी बात को लेकर लाठी डण्डा और धारदार हथियार से हमला कर देना कोई मायने नहीं रखता।