
Allahabad High Court BRD Medical College
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल काॅलेज में आक्सीजन की कमी से हुई बच्चों की मौत के मामले में आरोपी डाॅ.कफिल खान को मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। न्यायाधीश यशवंत वर्मा की बेंच ने डाॅ.कफिल की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह मंजूरी दी।
10 अगस्त को बीआरडी मेडिकल काॅलेज में लिक्विट आॅक्सीजन की सप्लाई रोके जाने के बाद तीन दर्जन से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी। बच्चों की मौत के बाद देशभर में सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। पहले तो सरकार आक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत को नकारती रही लेकिन बढ़ते दबाव पर मेडिकल काॅलेज के तत्कालीन प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र, उनकी पत्नी पूर्णिमा शुक्ल, डाॅ.कफिल खान, आक्सीजन सप्लायर मनीष भंडारी सहित नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। कुछ को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया तो कुछ ने आत्मसमर्पण किया था। करीब आठ महीने से ये लोग जमानत के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटा रहे थे लेकिन याचिका नामंजूर हो जा रही थी। लेकिन बीते दिनों आक्सीजन सप्लायर मनीष भंडारी की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर करते हुए जमानत दे दी। भंडारी की जमानत के बाद मंगलवार को एक अन्य आरोपी डाॅ.कफिल खान की जमानत को भी हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी।
जेल से चिट्ठी लिखकर सुर्खियों में थे डाॅ.कफिल
डाॅ.कफिल अभी कुछ दिन पहले ही जेल से दस पन्नों की चिट्ठी लिखे थे। डाॅ.कफिल खान की चिट्ठी ने बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री को कटघरे में खड़ा कर दिया है। गिरफ्तारी के बाद पहली बार डाॅ.कफिल खान इस मामले में अपनी सफाई दी थी। जेल में मिलने गई पत्नी डाॅ.शाबिस्ता को डाॅ.कफिल ने पत्र सौंपा जिसे परिवारीजन ने जारी किया था। चिट्ठी का मजमून साफ तौर पर यह इंगित कर रहा था कि आक्सीजन कांड में प्रशासनिक लापरवाही को छुपाने के लिए उनको सलाखों के पीछे धकेला गया है। दस पेज के इस पत्र के पांचवे पेज पर डाॅ.कफिल ने लिखा था कि मेरी जिन्दगी में उथल-पुथल उस वक्त शुरू हुई जब 13 अगस्त की सुबह मुख्यमंत्री योगी महाराज अस्पताल पहुंचे। बकौल कफिल, उन्होंने कहा तुम हो डॉक्टर कफील जिसने सिलेंडरों की व्यवस्था की। मैंने कहा, हां सर। फिर वह नाराज हो गए और कहने लगे कि तुम्हें लगता है कि सिलेंडरों की व्यवस्था कर देने से तुम हीरो बन गए। फिर बोले कि मैं देखता हूं इसे।
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डाॅ.कफिल ने पत्र में लिखा कि योगी जी नाराज थे क्योंकि यह खबर किसी तरह मीडिया तक पहुंच गयी थी। लेकिन मैं अपने अल्लाह की कसम खाकर कहता हूं कि मैंने उस रात तक इस सम्बन्ध में किसी मीडिया कर्मी से कोई बात नहीं की थी। उन्होंने पत्र के माध्यम से बताया है कि इसके बाद पुलिस ने हमारे घरों पर आना शुरू कर दिया। धमकी देना, मेरे परिवार को डराना शुरू हो गया।
हमें यह चेतावनी भी दी गई कि मुझे एनकाउंटर में मार दिया जायेगा। मेरा परिवार, मेरी मां, मेरी बीबी-बच्चे सब किस कदर डरे हुए थे इसे बयान करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। फिर मैंने परिवार के लिए सरेंडर कर दिया। मुझे यह विश्वास था कि मुझे न्याय जरूर मिलेगा।
Published on:
25 Apr 2018, 5:19 PM IST
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