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बीआरडी आक्सीजन कांड के आरोपी डाॅ.कफिल की पत्नी ने जताई हत्या की आशंका

हार्ट अटैक आने के बाद डाॅ.कफिल को चिकित्सीय सुविधा नहीं उपलब्ध कराने का आरोप
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गोरखपुर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 18 Apr 2018, 1:29 PM IST

dr kafeel

BRD Medical College Kafeel Khan

गोरखपुर। आक्सीजन कांड के बड़े लोगों को बचाने के लिए मेरे पति को फंसाया गया है। वह बेकसूर हैं। आठ महीने से जेल में हैं। उनको मारने की साजिश रची जा रही है। हार्ट अटैक के बावजूद जेल प्रशासन मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं करा रहा।
यह आरोप डाॅ.कफिल की पत्नी डाॅ.शाबिस्ता खान के हैं। बीआरडी मेडिकल काॅलेज के आक्सीजन कांड के आरोपी डाॅ.कफिल की पत्नी ने कहा कि बड़े लोग फंस न जाएं इसलिए जेल में बेकसूर डाॅक्टरों को मारने की साजिश रची जा रही। मानवता के नाते भी जरूरी चिकित्सीय सुविधा किसी को नहीं मिल पा रही। उन्होंने बताया कि 29 मार्च को उनके पति को दिल का दौरा पड़ा था। लेकिन जेल प्रशासन न जाने किसके दबाव में सही इलाज नहीं करा रहा। यही हाल इस कांड के आरोपी पूर्व प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र व उनकी पत्नी का है। डाॅ.मिश्र को कई गंभीर बीमारियां हैं लेकिन उनका इलाज नहीं कराया जा रहा। उनकी पत्नी पूर्णिमा शुक्ला को फ्रैक्चर है लेकिन जेल प्रशासन इलाज नहीं करा रहा।
शाबिस्ता ने एनआरएचएम घोटाले में डाॅक्टरों की जेल में हत्या जैसी साजिश आक्सीजन कांड के आरोपियों संग रचने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि आठ महीने के बाद भी डाॅक्टर न्याय के लिए भटक रहे जबकि बड़े लोग बाहर हैं। मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति रोकने वाले को जमानत मिल चुकी है और जिन्होंने बच्चों की जान बचाने की कोशिश की वह सलाखों के पीछे डाल दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरडी आक्सीजन कांड में बड़े पदों पर आसीन लोग जिम्मेदार थे लेकिन उनको बचाने के लिए डाॅक्टरों को बलि का बकरा बनाया गया।

डाॅ.कफिल का वजन लगातार घट रहा लेकिन कोई नहीं सुन रहा

डाॅ.शबिस्ता खान ने बताया कि उनके पति डाॅ.कफिल का वनज लगातार घट रहा। आठ किलो वेट घटने के बाद भी जेल प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। जिस बैरक की क्षमता 60 कैदियों की है वहां 150 कैदियों को रखा गया है, ऐसे बैरक में कफिल को रखा गया है। डाॅ.शाबिस्ता ने बताया कि उनके पति हृदयरोगी हैं लेकिन मानवता के नाम पर भी उनके साथ न्याय नहीं हो रहा।

स्पेशल कोर्ट ने जेल प्रशासन को दिया आदेश
डाॅ.शाबिस्ता की गुहार पर डाॅ.कफिल के वकील ने स्पेशल कोर्ट में अर्जी देकर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि डाॅ.कफिल को सभी आवश्यक चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इलाज में किसी प्रकार की कोताही न हो।

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