
गोरखपुर। कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता विधायक अजय कुमार लल्लू ने बीजेपी सरकार को किसान विरोधी बताया है। कहा कि भाजपा की सरकार में पिछले साल छत्तीसगढ़ में किसानों ने टमाटर सडकों पर फंेका, तो मध्यप्रदेश में प्याज। अब उत्तरप्रदेश में किसान आलू सड़कों पर फेंकने के लिए बाध्य हो रहे हैं। यह सरकार किसान विरोधी और असंवेदनशील है।
विधायक लल्लू ने कहा कि पिछले वर्ष आलू किसानों के राहत के लिए सरकार ने समर्थन मूल्य घोषित किया था, किंतु उसको प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया और बहुत ही कम था। जिसके कारण किसानों ने आलू के सरंक्षण के लिए कोल्ड स्टोरेज मालिकों को जो किराये का भुगतान किया वह भी उनको बाजार से नहीं मिल सका था। इस बार भी सरकार आलू किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए वादा भी किया अब अपने वादे से मुकर रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आलू के किसान बेहाल हैं और सरकार सो रही है। किसानों को मंडियों में उन्हे आलू की लागत मिलना भी मुश्किल हो गया है। जिससे किसानों में अधिक निराशा है, इसके प्रतिरोध स्वरूप ही लखनउ में यह घटना हुई है। पिछले वर्ष कोल्ड स्टोरेज में अधिक आलू भंडारित होने और मंडियों में आलू की अल्प मंाग होने से आलू बाजार मंदी की चपेट में रहा है। किसानों ने इस साल कर्ज लेकर बीज खरीदा और महंगी खाद खरीदा और फसल बोई है।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि आलू किसानों के हितों की रक्षा के लिए विधानसभा सत्र में भी इस मुद्दे को उठाने के बाद सदन में सरकार की ओर से आवश्यक कार्यवाही की बात कही गयी थी, किंतु कोई ठोस पहल नहीं किया गया। यदि ठोस पहल की गयी होती तो किसान लखनउ के सड़कों पर अपने आलू को फेंकने के लिए बाध्य नहीं होते। आलू की बम्पर पैदावार को देखते हुए सरकार को फूड प्रोसेसिंग यूनिट और अन्य विकल्पों की तलाश करनी होगी जिससे किसानों के हितों की रक्षा की जा सके।
उन्होनें सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आलू उत्पादक किसानों के सामने बाजार मूल्य और लागत को लेकर उपजे गहरे संकट के मद्देनजर सरकार आलू का समर्थन मूल्य वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अविलम्ब घोषित कर उनके साथ न्याय करे अन्यथा बड़े पैमाने पर किसान आंदोलन किया जायेगा।
Published on:
07 Jan 2018 07:07 am
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