गोरखपुर AIIMS बनने के बाद पूर्वांचल में लोगों को सस्ते और अच्छे इलाज की उम्मीद जमी थी। फिलहाल वर्तमान में मरीजों को राहत की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है। जांच की लंबी वेटिंग से मरीज बाहर डाक्टरों के पास जाने को विवश हो जा रहे हैं।
GorakhpurNews : गोरखपुर में AIIMS बनने के बाद पूर्वांचल के लोगों को अच्छे इलाज की आस जगी, लेकिन बढ़ते चार्ज और समय पर इलाज न हो पाने से मरीज दिक्कत में पड़ जा रहे हैं। AIIMS में तेजी से शुल्क वृद्धि हुई है।कई जांच पहले के मुकाबले तीन गुना से ज्यादा तक महंगी हो गई है। इससे मरीजों को एम्स में इलाज कराने पर ज्यादा रुपए खर्च करने पड़ेंगे। CGHS ने जून में जांच की दरों में इजाफा किया था।जो जांच सीजीएचएस में शामिल नहीं हैं, उनका रेट एम्स दिल्ली में लगने वाले रेट पर होगा ।
मरीजों को जांच के लिए 3 महीने की वेटिंग
AIIMS में मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए तीन महीने की वेटिंग है। जिन मरीजों को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की सलाह दे रहे हैं उनका रजिस्ट्रेशन 25 अक्टूबर के लिए किया गया है। ज्यादातर मरीजों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। उन्होंने प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर पर जांच कराने का फैसला लिया। एम्स सामान्य दिनों में 2100 से 2200 मरीज इलाज के लिए आते हैं।उनमें से करीब 500 से 800 मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सलाह दी जाती है। डेली 25 अल्ट्रासाउंड होना है। हिंद लैब ने दो डॉक्टर्स से अल्ट्रासाउंड जांच के लिए करार किया है। इनमें एक डॉक्टर सुबह 9 बजे से 11 बजे तक और दूसरे डॉक्टर दोपहर एक बजे से शाम चार बजे जांच करते हैं। 11 बजे से दोपहर एक बजे तक अल्ट्रासाउंड नहीं होता है।
जांच पहले रेट बढ़े हुए रेट
अल्ट्रासाउंउ पेट का 223 से 680, अल्ट्रासाउंड एफएनएसी 490 से 1,530, घुटने की एमआरआई 2,125 से 2,550, पेट का एक्स-रे 128 से 215, सीने का एक्स-रे 60 190, अल्ट्रासाउंड पेस्विस 255 से 425
AIIMS मीडिया प्रभारी
AIIMS मीडिया प्रभारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया की एम्स में सीजीएचएस की ओर से निर्धारित रेट पर जांच की जाती है।जून में आठ साल बाद दरों में बदलाव किया गया था. इसके आधार पर हिंद लैब ने नई दर लागू करने की अनुमति मांगी थी। अब अनुमति दे दी गई है।