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यूपी में अब अलग बुद्धालैंड की मांग, नए साल से यहां से शुरू होगा आंदोलन

पूर्वान्चल सेना ने कहा भारत में आदर्श राज्यों की स्थापना का आगाज है ‘बुद्धालैंड’

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BUDDHALAND

BUDDHA LAND MAP

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बंटवारे की आवाज बुलंद हो रही। प्रदेश के समान विकास के लिये छोटे-छोटे राज्य के निर्माण की बात उठ रही। इस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर से आंदोलन को गति देने की कवायद शुरू होने जा रही। पूर्वान्चल सेना ने अलग बुद्धालैंड बनाने की मांग की है
पूर्वान्चल के 27 जिलों को यूपी से अलग कर बुद्धालैंड बनाने की मांग की जा रही। संगठन के अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप ने बुद्धालैंड को जरूरत बताते हुए कहा कि 19 करोड़ से ज्यादा भारी-भरकम आबादी वाले उत्तर प्रदेश का पूर्वान्चल क्षेत्र विकास से काफी दूर है। विकास के मामले में क्षेत्रीय असमानता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश को भयंकर बेरोजगारी, अशिक्षा, प्रतिभा पलायन, जातीय और धार्मिक हिंसा, इंसेफेलाइटिस से जूझना पड़ रहा। न्याय, शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और मानव संसाधनों के समुचित उपयोग की खातिर छोटे राज्यों की महती आवश्यकता है।

बौद्धकाल के महाजनपदों से प्रभावित हो बुद्धलैंड की मांग

धीरेन्द्र प्रताप बताते हैं कि पूर्वी उत्तर प्रदेश का यह क्षेत्र बौद्धकाल में 16 महाजनपदों के गणतंत्र के रूप में दुनिया को लोकतंत्र की अवधारणा से परिचित कराया है। इस क्षेत्र से निकले बुद्ध के सन्देश ने पूरी दुनिया को मानवता, भाईचारा और बराबरी की शिक्षा दी है, जिसकी जरूरत आज पूरे देश को है । उन्होंने बताया कि बुद्ध की बची हुई थाती से यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय फलक पर विख्यात है। छोटे राज्य के रूप में बुद्धालैंड अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी दुनिया को आकर्षित करेगा। पर्यटन की वजह से बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होंगे।
धीरेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब विदेश दौरे पर जाते हैं तो खुद को बुद्ध की धरती से आया हुआ बताते हैं। दुनिया का सबसे अमीर आदमी जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने आते हैं तो उनको भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट की जाती है। यह भगवान् बुद्ध की लोकप्रियता व स्वीकार्यता की वजह से ही है।

नए साल से शुरू होगा आंदोलन

उन्होंने बताया कि बुद्धलैंड के बनने से इस क्षेत्र में विकास के पंख लग सकते हैं। अब पूर्वान्चल क्षेत्र को पहचान के लिए बुद्धालैंड की लड़ाई लड़ेगा। नए साल पर एक जनवरी से बुद्धलैंड के लिए आंदोलन शुरू होगा। धीरेन्द्र प्रताप ने बताता कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के 27 जिलों के हर ब्लॉक पर पाक्षिक सत्याग्रह कर बुद्धालैंड राज्य की मांग की जाएगी।

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