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बीपीएल कार्ड बनवाकर गरीबों के हक पर डाल रहे हैं धन्नासेठ डाका !

मोटर साइकिल, पक्का मकान, फिर भी बने हैं गरीबपहले बनवाया फर्जी बीपीएल और अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनने की कोशिश-कलेक्टर तक पहुंची शिकायत, जांच में अटका मामलामुहांसा पंचायत के सरपंच-सचिव पर फर्जी बैंक खाते के जरिए राशि आहरण का आरोप

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गुना

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Praveen Mishra

Mar 09, 2022

बीपीएल कार्ड बनवाकर गरीबों के हक पर डाल रहे हैं धन्नासेठ डाका !

बीपीएल कार्ड बनवाकर गरीबों के हक पर डाल रहे हैं धन्नासेठ डाका !

गुना. भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन को बनाने के लिए सरकार लगातार सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में बदलाव कर डिजीटलाइजेशन को बढ़ावा दे रही है। विभागों के माध्मय से होने वाली भर्तियों की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके बावजूद भ्रष्टाचार नहीं रुक रहा है। वैसे तो इसके कई उदाहरण समय-समय पर सामने आते रहते हैं लेकिन भ्रष्टाचार का ताजा मामलाआंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर भर्ती होने से जुड़ा हुआ है। जिसमें एक आवेदक ने नौकरी हासिल करने कथित रूप से फर्जी बीपीएल कार्ड का इस्तेमाल किया है। जिसकी शिकायत दूसरे आवेदक ने संबंधित विभाग सहित तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक लिखित रूप में की है। लेकिन अब तक मामले में कोई निर्णय नहीं हो सका है। यहां तक कि बीपीएल कार्ड की भी अभी तक जांच नहीं कराई गई है। कुल मिलाकर पूरे मामले को जांच के ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया जा रहा है।
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दस्तावेज देने के बाद भी कार्रवाई नहीं
गुना विकासखंड के ग्राम सरखंडी निवासी विशन सिंह पुत्र रामसिंह यादव तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक लिखित शिकायत कर चुके हैं। जिसमें उन्होंने बताया है कि ग्राम सरखंडी ग्राम पंचायत टोरिया विकासखंड गुना में रमेश पुत्र भगवानलाल शर्मा का नाम बीपीएल सूची में दर्ज होकर बीपीएल राशन कार्ड है। यह राशन कार्ड फर्जी तौर पर बनवाया गया है। जबकि उक्त रमेश व उसकी पत्नी, पति मिथलेश केे पास कम से कम दो हेक्टेयर भूमि है। गुना में पक्का मकान, मोटर साइकिल आदि हैं। गौर करने वाली बात है कि विशन सिंह ने अधिकारियों को की गई शिकायत के साथ बतौर साक्ष्य जमीन के खसरा, नकल, मोटरसाइकिल दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं। रमेश के परिवार की प्रति व्यक्ति आय 522 रुपए से अधिक है। जबकि पूरा परिवार कृषि कार्य के साथ-साथ मजदूरी करते हैं और आय के पर्याप्त साधन हैं। इस तरह सभी दस्तावेजों के आधार पर रमेश व उसके परिवार का नाम बीपीएल सूची में से काटा जाए।
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इसलिए लिया फर्जी बीपीएल कार्ड का सहारा
शिकायतकर्ता मोहनी पत्नी शिव कुमार यादव ने कलेक्टर से की शिकायत में बताया है कि उसने तसील गुना अंतर्गत ग्राम सरखंडी की आंगनबाड़ी केंद्र के लिए कार्यकर्ता पद के लिए आवेदन किया था। जिसमें उसके 50 अंक थे। वहीं दूसरी आवेदिका ज्योति शर्मा के 42 अंक थे। इसलिए उसने फर्जी बीपीएल कार्ड लगा दिया। जिससे उसके अंक 52 हो गए। ऐसे में नंबर के आधार पर मोहनी उक्त पद से वंचित होने जा रही है। मोहनी का आरोप है कि ज्योति ने जो बीपीएल कार्ड लगाया है वह फर्जी है। जिसकी जांच कराई जानी चाहिए। इसके बाद जो जांच में आए उसके आधार पर ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर नियुक्ती दी जाए।
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2021 में निकली थी जगह
ग्राम सरखंडी निवासी विशन सिंह ने कलेक्टर को लिखित शिकायत में बताया है कि वर्ष 2021 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। जिसमें आंगनबाड़ी केंद्र सरखंंडी में कार्यकर्ता पद पर नियुक्ति प्राप्त करने के लिए ज्योति शर्मा द्वारा अपने ससुर रमेश शर्मा के फर्जी बीपीएल राशन कार्ड के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है।
इस संंबंध में उसी समय उक्त फर्जी राशन कार्ड की जांच कराई जाने के लिए आपत्ति प्रस्तुत की गई थी। जिस पर आज दिनांक तक कोई सुनवाई नहीं की गई है। जबकि उक्त नियुक्ति को अधर में डाल दिया गया है। क्योंकि ज्योति शर्मा द्वारा फर्जी दस्तावेज (बीपीएल कार्ड) के आधार पर नियुक्ति प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है। जबकि उक्त केंद्र पर मोहिनी पत्नी शिवकुमार यादव की नियुक्ति नियमानुसार होना थी।
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बीपीएल कार्ड की क्यों नहीं कराई जा रही जांच
शिकायतकर्ता का कहना है कि आवेदिका ज्योति शर्मा ने जो बीपीएल कार्ड लगाया है। उसके संबंध मैंने कई सभी वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत कर दी है, इसके बावजूद बीपीएल कार्ड की सच्चाई जानने जांच क्यों नहीं करवाई जा रही है, यह समझ नहीं आ रहा।
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भ्रष्टाचार करने खोल लिया फर्जी बैंक खाता !
भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला चांचौड़ा जनपद की मुहांसा पंचायत का सामने आया है। शिकायतकर्ता गोविंद मीना निवासी नाईपुरा ने कलेक्टर को की गई शिकायत में बताया है कि मुहांसा पंचायत के सरपंच-सचिव द्वारा कई फर्जी खाते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया चांचौड़ा में खुलवाए हैं। जिनमें से लगातार राशि का आहरण किया जा रहा है और इसकी जानकारी उन्हें नहीं है जिनके नाम से यह खाते खोले गए हैं। गोविंद का कहना है कि जब उन्हें दूसरे माध्यम से इस फर्जीबाड़े की जानकारी लगी तो उन्होंने दस्तावेज निकलवाए तब उन्हें पता चला कि उक्त फर्जी खातों में न सिर्फ उनका नाम है बल्कि परिवार के सदस्य पिंकी, हेमंत, बरखा, काशीबाई, महेंद्र सिंह, गुड्डी बाई का नाम शामिल है। पंचायत के सरपंच, सचिव ने संपूर्ण कागजों में फर्जीबाड़ा करते हुए प्रार्थी को कपिल धारा योजना में मस्टर कर्मचारी बताकर राशि का आहरण किया जा रहा है।
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एसडीएम ने सीईओ को लिखा पत्र फिर भी मामला अटका
मामले में एसडीएम वंदना राजपूत ने जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखा है, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पत्र में कहा गया है कि आवेदक गोविंद मीना, श्रीप्रसाद मीना, जयनारायण मीना, देवकीनंदन शर्मा, कृष्णागोपाल मीना, मांगीलाल, मांगीलाल लोधा एवं समस्त ग्रामवासी नाईपुराकलां द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र के संंबंध में तहसीलदार चांचौड़़ा से जांच कराई गई। तहसीलदार चांचौड़ा द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि प्रथम दृष्टिया ग्राम पंचायत मुहासाकलां द्वारा कथनकर्ताओं अनुसार उनके नाम से फर्जी मस्टर तैयार कर राशि आहरण किए जाने का मामला लग रहा है। इसकी गहन, विस्तृत एवं तथ्यात्मक जांच के लिए संबंधित विभागीय अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ की टीम से गहन जांच कराया जाना उचित होगा। क्योंकि शिकायतकर्ताओं के कथन अनुसार उनके जॉब कार्ड, मस्टर, बैंक खाते, पोस्ट ऑफिस खाते को फर्जी बताया गया है। जिसकी जांच बैंक, पोस्ट ऑफिस अधिकारी के माध्यम से कराया जाना उचित होगा। कथनकर्ताओं के अनुसार बैंक, पोस्ट ऑफिस के खातों से फर्जी हस्ताक्षर
कर राशि आहरण की गई है। जिस संबंध में हस्ताक्षर नमूना एक्सपर्ट से भी जांच कराया जाना उचित होगा। मामले में पंचायत सचिव द्वारा तामिली उपरांत भी जांच में सहयोग नहीं किया गया। यही नहीं किसी भी प्रकार के दस्तावेज पेश किए गए। ऐसे में प्रथम दृष्टया संदेह की स्थिति निर्मित हो रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने प्रतिवेदन आपकी ओर प्रेषित है।