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पत्रिका स्पॉट लाइट :  गुना जिले में एक ऐसा स्कूल, जहां बारिश होने पर करनी पड़ती है बच्चों की छुट्टी

पुराने भवन की टीनशेड में इतने छेद कि नहीं रुकता बारिश का पानी900 बच्चों को एक साथ कहां बिठाएं, दो शिफ्टों में क्लास लगाने के बाद भी नहीं है पर्याप्त जगहयह कैसी शिक्षण व्यवस्था, प्रबंधन 20 साल से जूझ रहा पर्याप्त जगह की कमी से फिर भी आज तक नहीं कराया अतिरिक्त भवनों का निर्माण

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पत्रिका स्पॉट लाइट :  गुना जिले में एक ऐसा स्कूल, जहां बारिश होने पर करनी पड़ती है बच्चों की छुट्टी

पत्रिका स्पॉट लाइट :  गुना जिले में एक ऐसा स्कूल, जहां बारिश होने पर करनी पड़ती है बच्चों की छुट्टी


गुना . जिला मुख्यालय पर कैंट क्षेत्र स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पर्याप्त जगह न होने से बीते 20 साल से भी अधिक समय से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। लेकिन उसकी सुनवाई शासन स्तर पर नहीं हो रही है। चिंता की बात यह है कि शासन दूसरे स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने लगातार बजट उपलब्ध करा रहा है लेकिन जिस स्कूल में सबसे ज्यादा जरूरत है उस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बता दें कि जगह के अभाव की समस्या से केवल विद्यार्थी ही नहीं बल्कि स्टाफ भी बेहद परेशान है। प्रबंधन हर साल आवश्यकता अनुसार प्रस्ताव बनाकर राज्य शिक्षा केंद्र को भेज रहा है। लेकिन आज तक किसी भी प्रस्ताव पर गौर नहीं किया गया है। शासन का यह भेदभावपूर्ण और उदासीन रवैया शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है।
जानकारी के मुताबिक कैंट हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 900 से अधिक है। इन्हें एक साथ बिठाने के लिए स्कूल परिसर में जगह ही नहीं है। इसी वजह से दो शिफ्टों में क्लासें लगानी पड़ रही हैं। लेकिन इसके बावजूद भी जगह पर्याप्त नहीं है। बता दें कि जब से यहां स्कूल संचालित हुआ है तब से दोनों शिफ्टों की कुछ कक्षाएं अंग्रेजों के जमाने के बेहद पुराने भवन में लगाई जा रही हैं। जो वर्तमान में बेहद जीर्णशीर्ण हालत में है। भवन की छत पर लगे टीनशेड में इतने छेद हैं कि जरा सी बारिश होने पर बच्चों की छुट्टी करनी ही पड़ती है। नाम न छापने की शर्त पर स्कूल प्रबंधन ने बताया कि इसे ठीक करने के लिए पिछले कई सालों से लगातार प्रस्ताव भेजा रहा है लेकिन बजट उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे इसकी हालत लगातार बिगड़ती ही जा रही है।
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एक लैब सहित 11 अतिरिक्त कमरों की बेहद जरूरत
कैंट हायर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों की कुल संख्या के हिसाब से एक लैब सहित 11 अतिरिक्त कक्षों की जरूरत है। जबकि वर्तमान में दोनों शिफ्टों में 6 कमरों में ही क्लासें चल पा रही हंंै। चूंकि जिन क्लासों में बच्चों की संख्या अधिक है, उनमेें दो-दो सेक्शन होने के कारण अलग-अलग कमरों में क्लासें लगानी पड़ती हंै। वहीं 11 और 12 वीं में संकाय के हिसाब से भी अलग-अलग क्लासें लगाना जरूरी हैं।
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जर्जर भवन में लैब
जिले में शायद ही ऐसा कोई सरकारी स्कूल होगा, जहां विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए बनाई गई लैब इतने जर्जर कक्ष में संचालित हो रही हो। जहां प्रयोगशाला का सामान ही सुरक्षित नहीं है। वहीं कक्ष इतना छोटा है कि उसमें मुश्किल से एक विद्यार्थी भी खड़ा नहीं हो सकता। ऐसे में बड़ा सवाल है कि इस प्रयोगशाला में विज्ञान के छात्र कैसे प्रेक्टीकल करते होंगे।
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इनका कहना है
जब से यहां स्कूल लगना शुरू हुआ है तब से जगह की कमी महसूस की जा रही है। यदि पुराना भवन टूटकर नया बन जाए तो यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। जिसके लिए हम राज्य शिक्षा केंद्र को प्रस्ताव भेज चुके हैं। बारिश के दिनों में समस्या ज्यादा आती है। वर्तमान में जिस कक्ष में लैब संचालित है उसकी हालत भी ज्यादा ठीक नहीं है।
योगेश तिवारी, प्रिंसीपल
हायर सेकेंडरी स्कूल कैंट